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पुराने और ऐतिहासिक मंदिरों की होगी कायापलट

जनता की मांग के मद्देनजर ओडिशा के पुराने और ऐतिहासिक मंदिरों के नवीनीकरण और बुनियादे ढांचे के विकास का रास्ता साफ हो गया है। जिला प्रशासन ने राज्य सरकार से मंदिरों के नवीनीकरण की सिफारिश की थी। एक अधिकारी ने गुरुवार को कहा कि मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के गृह क्षेत्र गंजम में बेरहामपुर को छोडक़र 13 विधानसभा क्षेत्रों में से 12 में स्थित प्राचीन मंदिरों का नवीनीकरण, जीर्णोद्धार और पुनर्निर्माण होगा

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पुराने और ऐतिहासिक मंदिरों की होगी कायापलट

पुराने और ऐतिहासिक मंदिरों की होगी कायापलट

ओडिशा सरकार ने दी 42.51 करोड़ रुपए की मंजूरी
जनता की मांग के मद्देनजर ओडिशा के पुराने और ऐतिहासिक मंदिरों के नवीनीकरण और बुनियादे ढांचे के विकास का रास्ता साफ हो गया है। जिला प्रशासन ने राज्य सरकार से मंदिरों के नवीनीकरण की सिफारिश की थी। एक अधिकारी ने गुरुवार को कहा कि मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के गृह क्षेत्र गंजम में बेरहामपुर को छोडक़र 13 विधानसभा क्षेत्रों में से 12 में स्थित प्राचीन मंदिरों का नवीनीकरण, जीर्णोद्धार और पुनर्निर्माण होगा। राज्य सरकार ने गंजम जिले में 26 प्राचीन मंदिरों के पुनर्विकास के लिए 42.51 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है। इसी राशि से मंदिरों की कायापलट की जाएगी। निर्माण विभाग इस परियोजना को क्रियान्वित करेगा।
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997 गांवों के मंदिरों को नया रूप मिलेगा
इससे पहले सरकार ने जिले के 997 गांवों के मंदिरों को नया रूप देने के लिए 48.97 करोड़ रुपए मंजूर किए थे। सहायक मुख्य अभियंता (कार्य) दुर्गा चरण बेहरा ने कहा कि परियोजनाओं के निष्पादन के लिए निविदाएं प्रक्रिया में हैं।
उन्होंने बताया कि इन 26 मंदिरों में से पोलासरा ब्लॉक में 300 साल पुराना मर्दा मंदिर भी है, जिसे शरण श्रीक्षेत्र के नाम से जाना जाता है। इस मंदिर में 1733 से 1735 तक पुरी जगन्नाथ मंदिर के देवताओं को रखा गया था।
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मां बूढ़ी ठकुरानी मंदिर का जीर्णोद्धार होगा
सरकार ने एक अलग योजना के तहत बेहरामपुर में प्रसिद्ध मां बूढ़ी ठकुरानी मंदिर का जीर्णोद्धार करने का भी निर्णय लिया है। सरकार ने पंचायतों को अमा ओडिशा नबीन ओडिशा योजना के तहत मंदिर के बुनियादी ढांचे को विकसित करने के लिए भी कहा है, जिसके लिए प्रत्येक पंचायत के लिए 50 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं।