
(पत्रिका ब्यूरो,भुवनेश्वर): रॉयल बंगाल टाइग्रेस सुंदरी को नंदन कानन प्राणि उद्यान में रखा जाएगा। यह जानकारी यह जानकारी वन एवं पर्यावरण मंत्री विजयश्री राउतराय ने दी। सुंदरी अनुगुल के सतकोसिया टाइगर रिजर्व में आतंक और भय का पर्याय बनी है। वह अब तक दो मनुष्यों का शिकार करके खा गयी। कई मवेशियों को भी सुंदरी ने खा लिया था। सुंदरी के लिए अनुकूल वातावरण के लिहाज से नंदनकानन मुफीद रहेगा। सुंदरी को पकड़ने का आठवां आपरेशन चल रहा है। अबकी मध्यप्रदेश से ट्रैंकुलाइजर एक्सपर्ट बुलाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि सुंदरी को नंदनकानन में रखने की योजना और निर्णय से नेशनल टाइगर कंजरवेशन अथारिटी को अवगत करा दिया जाएगा। मंत्री ने बताया कि यदि उनका प्रस्ताव नेशनल टाइगर कंजरवेशन अथारिटी को स्वीकार नहीं होगा तो सुंदरी को बांधवगढ़ मध्यप्रदेश भेजा जाएगा। मालूम हो कि बाघिन सुंदरी को वहीं से लाया गया था। फिलहल उसे ट्रैंकुलाइज करके पकड़ने की कोशिश जारी है।
इस बीच सुंदरी को पकड़ने के लिए मध्यप्रदेश के कान्हा टाइगर रिजर्व और पेंच से विशेषज्ञ दल ओडिशा पहुंच चुका है। ये लोग सुंदरी को ट्रैंकुलाइजर की मदद से बेहोश करके पकड़ेंगे। आॅपरेशन सुंदरी के आठवें चरण में कान्हा टाइगर रिजर्व के विशेषज्ञ संदीप अग्रवाल और पेंच के अखिलेश मिश्रा ने ऑपरेशन सुंदरी की कमान संभाली है। इसे बाड़े या नंदन कानन प्राणि उद्यान ले जाया जा सकता है। सुंदरी को इसी साल 28 जून को बांधव गढ़ से लाया गया था। इसके पीछे टाइगर की संख्या बढ़ाने की योजना के तहत राज्यों के टाइगरों को एक राज्य से दूसरे राज्य में लाया जा रहा है।
सुंदरी के आतंक के विरोध में सतकोसिया के करीब 106 गांव के लोगों में दहशत है। वह बराबर मांग कर रहे हैं कि सुंदरी को वहां से हटाया जाए। सतकोसिया वाइल्ड लाइफ डिवीजन के वन अधिकारी रामास्वामी पी. ने बताया कि सुंदरी को पकड़े जाने तक ऑपरेशन जारी रहेगा।
Published on:
31 Oct 2018 04:40 pm
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