
पत्रकार मुकेश चंद्राकर (Photo Patrika)
Bijapur News: बीजापुर जिले में बहुचर्चित पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड से जुड़े गंगालूर-मिरतूर सड़क निर्माण घोटाले की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। एसआईटी ने इस मामले में लोक निर्माण विभाग के पांच अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार हुए अफसरों में दो रिटायर्ड ईई, एक वर्तमान ईई, एक एसडीओ तथा एक उप अभियंता शामिल हैं।
गौरतलब है कि वर्ष 2025 की 1 जनवरी को पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या की उनका शव एक सैप्टिक टैंक में छिपाकर रखा गया था। बताया जाता है कि पत्रकार ने इसी सड़क परियोजना में गड़बड़ियों को उजागर किया था, जिसके बाद यह हत्याकांड हुआ। घटना ने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी थी।
वर्ष 2010 में मंजूर हुई गंगालूर-मिरतूर सड़क परियोजना की प्रारंभिक लागत 73.8 करोड़ थी, जो वर्ष 2018 तक बढ़कर 188 करोड़ तक पहुंच गई। इसके बावजूद निर्माण कार्य में गंभीर तकनीकी खामियां उजागर हुईं। बिलिंग में भारी गड़बड़ी, फर्जी दस्तावेज़ और गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की पुष्टि हुई है।
बीजापुर एसपी जितेंद्र यादव के अनुसार, गंगालूर से नेलसनार तक की सड़क के निर्माण में भीषण अनियमितताएं पाई गईं। जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर ठेकेदार सुरेश चंद्राकर को पूर्व में ही गिरफ्तार किया गया है। अब तक कुल आठ अधिकारियों-कर्मचारियों को जेल भेजा जा चुका है। शुरुआत में एक ठेकेदार और तीन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हुई थी, अब पांच और गिरफ्तारी की गई है।
Published on:
31 Jul 2025 09:59 am
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