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नक्सलियों का मुख्य हथियार बना IED! 4 महीने में 9 जवान शहीद, हर तरफ है ब्लास्ट का खतरा..

IED Blast in Bijapur: बीजापुर में बस्तर में नक्सली अब अंतिम सांसें गिन रहे हैं। वे आमने-सामने की लड़ाई में पस्त हो चुके हैं।

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नक्सलियों का मुख्य हथियार बना IED! 4 महीने में 9 जवान शहीद, हर तरफ है ब्लास्ट का खतरा..

IED Blast in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के बीजापुर में बस्तर में नक्सली अब अंतिम सांसें गिन रहे हैं। वे आमने-सामने की लड़ाई में पस्त हो चुके हैं। हर मुठभेड़ में नक्सली मारे जा रहे हैं। बस्तर में अब नक्सलियों का मुख्य हथियार आईईडी बन चुका है। इसके सहारे ही वे फोर्स को नुकसान पहुंचा रहे हैं। बीते चार महीने में आईईडी की वजह से नौ जवान मारे जा चुके हैं।

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IED Blast in Chhattisgarh: बीजापुर में एक और जवान शहीद

वहीं दर्जनभर जवान आईईडी की चपेट में आने से घायल हुए हैं। बस्तर में फोर्स के लिए फिलहाल एक ही बड़ी चुनौती बची हुई है और वह है आईईडी। नक्सली मुख्य सडक़ से लेकर जंगल तक में आईईडी प्लांट कर रहे हैं। वे इसे लेकर बकायदा पर्चा भी जारी कर चुके हैं।

जिसमें उन्होंने ग्रामीणों से कहा था कि वे जंगल की तरफ ना जाएं जंगल में जवानों के लिए आईईडी लगी हुई है। बीजापुर जिले के अंबेली में इसी साल 6 जनवरी को नक्सलियों ने बीच सडक़ पर आईईडी ब्लास्ट किया था। इस ब्लास्ट की चपेट में आने से डीआरजी के 8 जवान शहीद हो गए थे।

आईईडी डिटेक्ट करने आधुनिक संसाधन नहीं

बस्तर में फोर्स के पास आईईडी डिटेक्ट करने के लिए आधुनिक संसाधन नहीं हैं। पुराने संसाधनों से ही आईईडी ढूंढी जा रही है। नक्सली अगर चार फीट से ज्यादा गहराई में आईईडी लगाते हैं तो बीडीएस टीएम उसे डिटेक्ट नहीं कर पाती है। बस्तर के नक्सल मोर्चे पर फिलहाल आईईडी से निपटने के लिए हाईटेक संसाधनों की जरूरत है।

वनोपज संग्रहण में जाने वाले ग्रामीण बन रहे शिकार

नक्सली फोर्स को नुकसान पहुंचाने के लिए बस्तर के जंगल में आईईडी प्लांट कर रहे हैं। पिछले छह महीने में 14 ग्रामीण प्रेशर आईईडी की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इनमें से 4 की मौत भी हो चुकी है। यह आंकड़ा बस्तर संभाग के बीजापुर, नारायणपुर, सुकमा का है। ज्यादातर घटनाएं इन तीन जिलों में ही हुई हैं। जंगल में वनोपज संग्रहण के लिए जाने वाले ग्रामीण आईईडी का शिकार बन रहे हैं।

रोड निर्माण को सुरक्षा में तैनात था शहीद जवान

सोमवार को भी बीजापुर के तोयनार-फरसेगढ़ रोड निर्माण में ड्यूटी कर रहे सीएएफ 19 बटालियन के जवान मनोज पुजारी 26 प्रेशर आईईडी की चपेट में आने से शहीद हो गए। मोरमेड के जंगल के पास तोयनार से 4 किमी दूर फरसेगढ़ के पास यह घटना घटित हुई। मामले में बीजापुर एसपी जितेंद्र यादव ने कहा कि घटना के बाद से क्षेत्र में सर्च अभियान लगातार जारी है।

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