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2019 लोकसभा से पहले बसपा में मची रार, 36 पदाधिकारियों ने मायावती को सौंपा इस्तीफा, ये है बड़ी वजह

कार्यकर्ताओं ने बिजनौर ऑफिस में किया प्रदर्शन, 36 बसपा पदाधिकारियों ने मायावती को सौंपा इस्तीफा
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बिजनोर

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Ashutosh Pathak

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Updated: 5 Jan 2019, 11:49 AM IST

bijnor

2019 लोकसभा से पहले बसपा में मची रार, 36 पदाधिकारियों ने मायावती को सौंपा इस्तीफा, ये है बड़ी वजह

बिजनौर। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बसपा के अंदरखाने में रार मची हुई है। बहुजन समाज पार्टी की बिजनौर इकाई के 36 पदाधिकारियों ने शुक्रवार को अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। इतना ही नहीं दलित कार्यकर्ताओं ने बसपा आफिस पहुंच कर जमकर हंगामा किया। दरअसल बिजनौर जिले में बसपा में दलित पदाधिकारियों की अनदेखी के चलते बसपा में घमासान मचा हुआ है। विरोध कर रहे कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि वफादारों की तुलना में हाल ही में पार्टी में शामिल हुए बाहरी लोगों को प्रमुखता दी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के बरेली समन्वयक और वेस्ट यूपी के पूर्व प्रभारी गिरीश चंद विभिन्न पार्टी पदनामों के लिए बिचौलिया के रूप में काम कर रहे। बिना किसी कारण के पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को बाहर कर दिया गया।

आरोप है कि कुछ दिन पहले राजनीति के चलते मंडल कोर्डिनेटर जितेंद्र सागर और 2 बार के चांदपुर से विधायक रहे इकबाल ठेकेदार को गिरिश्चंद ने पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था। तभी से पार्टी में फूट पड़ गयी और आये दिन कोई न कोई नेता बसपा छोड़ रहा है। पार्टी के कुछ अन्य बड़े लोग टर्नकोट नेताओं को बढ़ावा दे रहे हैं और पार्टी के वफादार और वफादार कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर रहे हैं। "वे हमारी पार्टी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती को गुमराह कर रहे हैं," उनमें से एक ने कहा- हाल ही में, गिरीश चंद ने कुछ ऐसे टर्नकोट नेताओं को नियुक्त किया था, जिन्होंने पिछले विधानसभा चुनावों में एक भाजपा उम्मीदवार को महत्वपूर्ण पदों पर समर्थन दिया था।

जिला समन्वयक, चेतराम सिंह, ने कहा," कुछ नेता बसपा के आलाकमान को गुमराह कर रहे हैं। जो लोग पिछले चुनावों के दौरान भाजपा और अन्य दलों के साथ थे, उन्हें अब बसपा में पद मिल रहे हैं। इसीलिए, चांदपुर विधानसभा क्षेत्र के करीब 36 नेताओं ने पार्टी की नेता मायावती को अपने त्याग पत्र भेज दिए हैं। हम सभी पार्टी में हैं लेकिन अपने पद छोड़ रहे हैं क्योंकि हम ऐसी स्थिति में काम करने में असमर्थ हैं। ”
आपको बता दें कि हाल ही में, सपा के पूर्व नेता रूचि वीरा बसपा में शामिल हुए। वहीं, पूर्व विधायक मोहम्मद इकबाल और मुरादाबाद के पूर्व जोन समन्वयक जितेंद्र सागर को बसपा से निष्कासित कर दिया गया। सूत्रों के मुताबिक इकबाल ने बिजनौर संसदीय सीट से टिकट की मांग की थी। इसके बजाय, बसपा ने उसी क्षेत्र से रूचि वीरा को अपना समन्वयक घोषित किया। माना जा रहा है कि वह बिजनौर से बसपा के टिकट की प्रबल दावेदार हैं। जिसके बाद पार्टी ने कुछ दिन पहले इकबाल को निष्कासित कर दिया था। तब से, चांदपुर क्षेत्र में उनके समर्थक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
इस मामले के बारे में पूछे जाने पर, बसपा के जिला इकाई के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने कहा, "जो कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, वे इकबाल के लोग हैं। अब, यह असंतुष्ट नेता पार्टी के खिलाफ कार्यकर्ताओं को उकसा रहा है। हमारा रुख स्पष्ट है - हमारी पार्टी में बगावत की कोई जगह नहीं है। ”