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यूपी में भ्रष्टाचार की खुली पोल, करोड़ों की लागत से बना पुल पानी के तेज बहाव से ढहा

घटिया सामग्री से बना पुल पानी के पहले ही बहाव ढहा लोगों ने पुल के निर्माण में भ्रष्टाचार का लगया आरोप इससे पहले भी ढह चुका है यह पुल

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बिजनौर. सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार किस कदर फैला हुआ है। इसकी एक बानगी बिजनौर में देखने को मिली। यहां करोड़ों रुपए की लागत से बना पुल पानी में बह गया। बताया जाता है कि पुल के निर्माण में भ्रष्टाचार करते हुए घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया था, जो पानी के तेज बहाव की भेंट चढ़ गया।

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दरअसल, निर्माणाधीन पुल पर बीती रात सिंचाई के लिए पानी छोड़ा गया था। पानी आने की वजह से वहां काम कर रहे मजदूर बाल-बाल बच गए । सिंचाई विभाग के सुल्तानपुर माईनर इलाके में पानी देने के लिए बना नहर का पुल अचानक ज्यादा पानी आने की वजह से बह गया। खास बात ये है कि इससे पहले सपा सरकार के वक्त भी इस पुल का एक हिस्सा बह चुका है । सपा सरकार में सिंचाई विभाग की मध्य गंगा नहर परियोजना के तहत इस पुल का निर्माण हुआ था।

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बिजनौर जिले में गंगा बैराज से लेकर अमरोहा जिले तक मध्य गंगा नहर का निर्माण कई वर्षों से चल रहा है । हिमपुरदीपा के पास इस नहर पर सुल्तानपुर माइनर के पास नहर के ऊपर बना पुल का एक हिस्सा तास के पत्तो की तरह पानी में बह गया है । नहर में पानी छोड़ने के कुछ ही देर में करोड़ों की लागत से बना पुल मिनटों में ही धराशाई हो गया । ये भ्रष्टाचार का पुल सपा सरकार में पहले भी गिर चुका है । मध्य गंगा नहर पर निर्माण हो रहा ये पुल पहले भी गिर चुका है। इसको दोबारा मरम्मत किया जा रहा था । इस हादसे के बाद इस पुल का निर्माण करने वाले ठेकेदार, इंजीनियरों और अफसरों की भूमिका भी संदिग्ध लग रही है। आखिर एक ही पुल बार-बार क्यों गिर रहा है। मध्य गंगा नहर के अफसर रुड़की और हरिद्वार में बैठते हैं । घटना के बाद सिंचाई विभाग का कोई भी अफसर मीडिया से बात करने को तैयार नहीं हुआ।

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