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12 साल बाद मिला न्याय: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 10 साल का कठोर कारावास, कोर्ट का सख्त संदेश

Bijnor News: उत्तर प्रदेश के बिजनौर में 12 साल पुराने नाबालिग दुष्कर्म मामले में अदालत ने दोषी को 10 वर्ष के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है।

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bijnor rape case 10 years rigorous imprisonment

12 साल बाद मिला न्याय | Image Source - Pexels

Bijnor rape case imprisonment: यूपी के बिजनौर के मंडावली थाना क्षेत्र में 12 वर्ष पूर्व 14 वर्षीय किशोरी के साथ दुष्कर्म के मामले में अदालत ने दोषी को सजा सुना दी है। एफटीसी प्रथम के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अशोक भारतेंदु ने आरोपी नरदेव पुत्र आत्माराम, निवासी मंडावली को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और तीन हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि नाबालिग के साथ किए गए अपराधों में किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जा सकती।

नशा सुंघाकर किशोरी को अगवा करने का आरोप

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी) मुकुल कुमार सिंह ने बताया कि इस मामले की रिपोर्ट 25 दिसंबर 2013 को पीड़िता के भाई ने मंडावली थाने में दर्ज कराई थी। तहरीर में आरोप लगाया गया था कि उसकी 14 वर्षीय बहन को आरोपी नरदेव ने नशा सुंघाकर बहला-फुसलाया और अपने साथ ले गया। किशोरी के अचानक लापता होने से परिवार में हड़कंप मच गया और परिजन उसकी तलाश में जुट गए।

तीन दिन की तलाश के बाद दर्ज कराई गई रिपोर्ट

परिजनों ने किशोरी की तीन दिन तक हर संभावित स्थान पर तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी। इसके बाद परिजनों ने थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दी और किशोरी की सकुशल बरामदगी की गुहार लगाई। पुलिस ने गंभीरता को देखते हुए तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की और संभावित ठिकानों पर दबिश दी।

उत्तरकाशी से हुई पीड़िता की बरामदगी

जांच के दौरान करीब डेढ़ महीने बाद पुलिस ने पीड़िता को उत्तरकाशी से बरामद किया। बरामदगी के बाद पीड़िता के बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज कराए गए, जिसमें उसने आरोपी द्वारा किए गए अपराध का विस्तार से खुलासा किया। बयान के आधार पर पुलिस ने आरोपी नरदेव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

छह गवाहों और साक्ष्यों से मजबूत हुआ अभियोजन पक्ष

पुलिस ने विवेचना पूरी कर आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान लोक अभियोजन की ओर से कुल छह गवाहों को पेश किया गया। गवाहों के बयान, चिकित्सकीय साक्ष्य और अन्य दस्तावेजों ने अभियोजन पक्ष के मामले को मजबूती प्रदान की।

सख्त सजा के साथ नाबालिग अपराधों पर कड़ा संदेश

अदालत ने सभी साक्ष्यों, गवाहों के बयान और पत्रावली का गहन अवलोकन करने के बाद आरोपी को दोषी पाया। न्यायालय ने कहा कि नाबालिगों के खिलाफ यौन अपराध समाज के लिए गंभीर खतरा हैं और ऐसे मामलों में कठोर दंड आवश्यक है। समस्त औपचारिकताएं पूरी करते हुए अदालत ने आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाने का आदेश दिया।