
बिजनौर. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज बिजनौर से पांच दिवसीय गंगा यात्रा को हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ कर दिया है। बता दें कि सीएम योगी के साथ उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के भी पहुंचने का कार्यक्रम था, लेकिन मौसम खराब होने के कारण सीएम रावत गंगा यात्रा में शामिल नहीं हो सके। सीएम योगी आदित्यानाथ भी तय कार्यक्रम से करीब डेढ़ घंटे की देरी से पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने बैराज गंगा घाट पर गंगा आरती की। इसके बाद गंगा यात्रा को हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। इसके बाद सीएम योगी सीधे मंच पर पहुंचे।
मंच पर पहुंचते ही सीएम योगी ने भारत माता की जय और गंगा मईया की जय के साथ भाषण की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि बिजनौर को महाराजा दुष्यंत और महात्मा विधुर की धरती के नाम से भी जाना जाता है। इस भूमि को कोटि-कोटि नमन करता हूं। मां गंगा ने हजारों वर्षों से देश के बड़े भू भाग को जल से हमें मोक्ष प्रदान करने का काम किया है। उन्होंने आगे कहा कि काशी में पीएम मोदी ने 2014 में कहा था कि मुझे मां गंगा ने बुलाया है। उन्होंने कहा कि आज गंगा यात्रा दो स्थानों पर प्रारंभ हो गर्इ है। दोनों यात्रा 31 जनवरी को कानपुर में समागम होगा।
सीएम योगी ने कहा कि कानपुर को इसलिए चुना गया है, क्योंकि नमामि गंगे योजना में कानपुर सबसे क्रिटीकल प्वाइंट था। गंगा में आक्सीजन की मात्रा कम हो गर्इ थी। इतना ही नहीं गंगा जल आचमन करने लायक भी नहीं रह गया था। पीएम मोदी ने 2014 में नमामि गंगे की योजना शुरू की थी। आज आप देख सकते हैं कि अब कानपुर में गंगा निर्मल हो गर्इ है। जब कानपुर में गंगा का समाधान हो सकता है तो हर जगह हो सकता है।
केजरीवाल सरकार पर साधा निशाना
इस दौरान उन्होंने दिल्ली की केजरीवाल सरकार पर भी निशाना साधा। सीएम योगी ने कहा कि दिल्ली में भी राज्य सरकार ने अपने कर्तव्य का निर्वहन किया होता तो यमुना जी भी गंगा की तरह पवित्र होती, लेकिन उन्होंने एेसा नहीं किया। उन्होंने कहा कि गंगा हमारी आस्था भी है आैर अर्थव्यवस्था भी। हजारों वर्षों से मां गंगा हर भारतवासी को तारने का कार्य कर रही है। वहीं, गंगा बेसिन का क्षेत्र दुनिया का पेट भरने की क्षमता रखता है। गंगा के इस क्षेत्र में 40 प्रतिशत जगह पर गंगा निवास करती है, जिससे यहां के किसानों को काफी लाभ मिल रहा है। अब हमारे प्रभारी मंत्री और बीजेपी प्रतिनिधि गंगा किनारे के गांव में प्रवास कर जागरूक करेंगे। हम गंगा किनारे किसानों को फलदार पेड़ लगाने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। गंगा किनारे के गांव में किसानों को फलदार पेड़ लगाने के लिए गंगा नर्सरी उपलब्ध कराने जा रहे हैं। इसके लिए तीन वर्ष तक सरकार अनुदान देगी।
लोगों से गंगा में शव प्रवाहित नहीं करने की अपील
इसके साथी ही सीएम योगी ने लोगों से शवों का अंतिम संस्कार अग्नि या समाधि बनाकर करने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी शव को गंगा में प्रवाहित न किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कोई भी पशु मरता है तो उसे गंगा में न फेंके। उन्होंने आगे कहा कि प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व बनता है कि गंगा में कोई नाला न गिरे। इसके लिए सभी को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम जब तीव्रता के साथ आगे बढ़ेंगे तो हम प्रधानमंत्री की नामानि गंगे परियोजना को सफल बना सकते हैं।
बोले- हमारी सरकार ने पूरा किया राम मंदिर का वादा
वहीं, सीएम योगी ने राम मंदिर को लेकर कहा कि पिछले पांच सौ वर्षों से राम मंदिर निर्माण के कार्य को टाला जा रहा था, लेकिन हमारी सरकार ने उसे पूरा करने का कार्य किया है। इसी तरह हम गंगा को निर्मल व अविरल बनाने का कार्य करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि जब से भाजपा की सरकार आर्इ है किसी को गुंडागर्दी करने की छूट नहीं दी गर्इ है। उन्होंने कहा कि पहले कांवड़ यात्रा रोक दी जाती थी, लेकिन हमने कहा कांवड़ यात्रा नहीं रुकेगी। इस दौरान मंच पर प्रदेश कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा, केद्रीय मंत्री डाॅ. संजीव बालियान, केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह, प्रभारी मंत्री बिजनौर कपिल देव अग्रवाल, राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख समेत तमाम भाजपा नेता मौजूद रहे।
Published on:
27 Jan 2020 02:22 pm

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