
गंगा- जमुनी तहजीब की मिसाल है धामपुर की होली, हिंदू- मुस्लिम एक साथ मनाते है रंगों का त्यौहार
होली का त्यौहार जहां देश भर में धूमधाम से मनाया जाता है। तो वहीं बिजनौर के धामपुर की होली ऐतिहासिक तौर पर मनाई जाती है। सैकड़ों मुस्लिम लोग हिंदू समाज के लोगों के साथ होली के रंग में सराबोर होकर सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश करते हैं।
-कहते हैं कि वृंदावन की होली के बाद यूपी के बिजनौर के धामपुर की होली को ऐतिहासिक तौर पर जाना जाता है। एकादशी के जुलूस से होली के जुलूस की शुरुआत की जाती है। रंग की होली खूब धूमधाम से खेली जाती है। धामपुर की होली सही मायनों में हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की मिसाल पेश करती है।
बिना भेदभाव के सैकड़ों मुस्लिम समाज के लोग होली के रंगों में सराबोर हुलियारे एक दूसरे के साथ सड़कों पर लठमार होली खेलते साफ तौर से देखे जा सकते हैं।
टैक्टर–ट्रॉली में सवार हुलियारे ड्रम में रंग भरकर फव्वारे के जरिए एक दूसरे पर रंगो की होली खेलते है।
कहते हैं कि अगर गंगा जमुना तहजीब की मिसाल देखनी है तो धामपुर चले आइए जहां हिंदू- मुस्लिम मिलकर रंगो की होली खेलते हैं। धामपुर निवासी सलाउद्दीन ने बताया वृंदावन के बाद धामपुर में एतिहासिक होली मनाई जाती है।
गंगा - जमीनी तहजीब की अगर मिसाल देखनी हो तो धामपुर के अन्दर वह मिसाल पैदा होती है। उन्होंने कहा हिन्दू- मुस्लिम आपस में मिल कर होली खेलते है।
रंग लगने के बाद ये पता नही चलता कौन हिंदु और कौन मुस्लिम है। वहीं आदर्श होली समिति के संयोजक रवि चौधरी ने बताया कि धामपुर में होली का कार्यक्रम 7 दिन मनाया जाएगा।
उन्होंने कहा धामपुर की होली की विशेषता ये है कि 25 से 30 प्रतिशत मुस्लिम लोग होली में समलित होते है। भारत की संस्कृति गंगा - जमीनी तहजीब धामपुर की होली में देखने को मिलेगा।
Published on:
03 Mar 2023 09:22 pm
