
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
बिजनौर। जनपद में एक निजी अस्पताल में डिलिवरी के बाद एक नवजात बच्चे की मौत हो गई है। परिजनों ने डिलीवरी में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए चिकित्सक के खिलाफ पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। दरअसल, यह पूरा मामला धामपुर के अल्हैपुर में संचलित एक निजी अस्पताल का है। गांव मौजमपुर जैतरा निवासी दीपक कुमार ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उसने अपनी पत्नी चांदनी को प्रसव पीड़ा होने पर 7 मार्च को अल्हैपुर में संचालित एक उपकेंद्र पर भर्ती कराया था। जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि प्रस्ताव सामान्य प्रकार से हो जाएगा। बाद में प्रसव सामान्य प्रक्रिया से नहीं होने पर चिकित्सकों ने उन्हें ऑपरेशन कराने की सलाह दी। जिस पर जच्चा को एक निजी अस्पताल में ले जाने का उन्हें सुझाव दिया गया।
उन्होंने बताया कि महिला को अल्हैपुर में संचालित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां पर उन्हें भरोसा दिया गया कि सामान्य प्रक्रिया से बच्चे का जन्म हो जाएगा। बच्चे को बाहर लाने के लिए सर्जिकल उपकरणों का इस्तेमाल किया गया। आरोप है कि बच्चे की आंख में सर्जिकल उपकरण लगाने से गंभीर जख्म हो गया। सर्जिकल उपकरण से बच्चे की आंख में जख्म होने के कारण नवजात शिशु की 10 मार्च को मृत्यु हो गई। हालांकि परिजनों ने बच्चे का काफी इलाज कराया लेकिन नवजात बच्चे को बचा नहीं सके।
परिजनों का कहना है कि अभी जच्चा की स्थिति भी गंभीर बनी है। पीड़ित महिला की सास कमल का कहना है कि डॉक्टर की लापरवाही से उनके बच्चे की मौत हुई है। इस मामले में पीडित ने चिकित्सक के खिलाफ पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। उधर संबंधित अस्पताल के संचलक कि कहना है कि हमारे अस्पताल में किसी बच्चे की मौत नहीं हुई है। उन्होंने आरोपों को गलत बताया। कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार त्यागी ने पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई करने की बात कही है।
Published on:
12 Mar 2021 04:42 pm
बड़ी खबरें
View Allबिजनोर
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
