
बिजनौर।उत्तरप्रदेश में सरकार बनाने के बाद सीएम योगी चाहे कितना भी किसानाें के खुश होने का दावा करें, लेकिन हकीकत इससे उल्ट है। यहीं कारण है कि बढ़ते बिजली के दाम आैर गन्ना के दामों में होने जा रही कटौती से परेशान बिजनौर के किसान धरने पर बैठे हैै। भारतीय किसान युनियन के बैनर तले किसानों ने 14 सूत्रीय मांगों को लेकर कलक्ट्रेट का घेराव किया और इस गुट के किसानों ने बिजनौर मुख्यालय सहित 5 तहसीलो पर भी अपनी मांगों को लेकर एसडीएम सहित बिजनौर डीएम को एक ज्ञापन सौंपा है। किसानो ने कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारे बाज़ी की। बाद में किसान अपनी मांगो को लेकर डीएम आफिश के सामने धरने पर बैठ गए है।
योगी सरकार पर लगाया ये आरोप
भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष ने प्रदेश के मुख्यमंत्री पर आरोप लगाया है की प्रदेश सरकार अपने चुनावी किये वादे से हटकर किसान विरोधी बनकर रह गई है।किसानो की मांग है कि सरकार ने बिजली के दाम बढ़ा दिया है ,साथ ही साथ किसानो के गन्ना मूल्य में भी सरकार कटौती करने जा रही है। यह सब किसान कभी बर्दास्त नहीं कर सकता । इन्हीं तमाम मांगों को लेकर किसान डीएम आॅफिस पर धरने पर बैठ गए है। इस दौरान सभी किसान सैकड़ो की संख्या में पैदल और अपने निजी वाहन से कलक्ट्रेट पहुंचे। किसानो ने प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है की ये सरकार किसान विरोधी है।
यह दिया जाए गन्ने का दाम
किसानों का आरोप है कि योगी सरकार ने सूबे में किसानो के बिजली के दाम 8 गुना बढ़ा दिए है ।वहीं अब तक आगामी साल के लिए गन्ने के दाम भी अभी प्रदेश सरकार घोषित नहीं कर पाई है । साथ ही किसानों का सम्पूर्ण कर्ज माफ किया जाये। गन्ने का मूल्य बढ़ाकर 500 रुपये दिया जाये और बिजली के जर्जर तारों को बदला जाये। 60 वर्ष से ऊपर के किसानों को प्रदेश सरकार द्वारा 5000 रुपये हर महीने पेंशन दी जाये। किसानो के नेता जिला अध्यक्ष विजय सिंह ने बताया की हम कई मांगो को लेकर यहां आये है और प्रदेश के मुखिया के नाम का डीएम को ज्ञापन सौंपा है।
Published on:
20 Mar 2018 03:01 pm
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