
Video: हाईवे बनाने के लिए बिना मुआवजा दिए तोड़ दिए किसानों के मकान, मदद मांगने पर महिलाओं व बच्चे से धक्का-मुक्की
बिजनौर। जनपद में फोर लेन हाईवे का निर्माण कर रही एक प्राइवेट कंपनी की गुंडागर्दी सामने आई है। आरोप है कि कंपनी ने बिना मुआवजा दिए ही दर्जन भर से अधिक मकानों को जबरन गिरा दिया। जब ग्रामीणों ने पुलिस से मदद की गुहार लगाई तो पुलिस ने पीड़ितों के ऊपर ही हल्का लाठीचार्ज कर दिया। ग्रामीणों की मदद के लिए किसान यूनियन सामने आई है। किसान यूनियन ने कंपनी की जेसीबी मशीनों पर कब्जा कर लिया है।
पुरैनी गांव में हाईवे किनारे बने मकानों को गिराया गया
हरिद्वार से नैनीताल तक बनने वाले फोर लेन के रास्ते में नगीना-धामपुर मार्ग पर सैकड़ों किसानों की जमीन और मकान आ रहे हैं। आरोप है कि सोमवार शाम को हाईवे का निर्माण करने वाली पीएनसी कंपनी ने बिना मुआवजा दिए ही जमीन और मकानों पर काम शुरू कर दिया। नगीना थाना इलाके के पुरैनी गांव में हाईवे किनारे बने दर्जन भर से अधिक मकानों पर कंपनी ने पुलिस की मदद से बुलडोजर चला दिया।
हल्का लाठीचार्ज करने का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस, प्रशासन और पीएनसी कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर से जब उन्होंने मुआवजा मांगा तो उन पर हल्का लाठीचार्ज किया गया। इस बीच महिलाओं और बच्चे के साथ भी धक्का-मुक्की की गई। ग्रामीणों ने किसी तरह घरों में छुपकर अपनी जान बचाई। जब भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) को इसकी खबर पता चली तो किसान यूनियन के सैकड़ों कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। वे पुलिस और प्रशासन के खिलाफ गांव में ही धरने पर बैठ गए। उन्होंने कंपनी की जेसीबी मशीनों पर भी कब्जा कर लिया। फिलहाल एडीएम ने हाईवे निर्माण पर रोक लगा दी है। अब ग्रामीणों और किसान यूनियन के साथ डीएम की वार्ता होगी। उसके बाद ही हाईवे का निर्माण हो सकेगा।
कंपनी के अधिकारी ने यह कहा
इस मामले में पीएनसी कंपनी के अधिकारी बीएस पांडे का कहना है कि किसानों को जमीनों का मुआवजा दिया जा चुका है। ये मकान और दुकान अवैध रूप से बने हुए हैं। इस वजह से इन्हें तोड़ा गया है। वहीं, डीएम सुजीत कुमार का कहना है कि नगीना एसडीएम को इस मामले की जांच सौंपी गई है। रिपोर्ट आने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
25 Jun 2019 04:24 pm

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