
पूर्व आईएएस की पत्नी को टिकट देकर कांग्रेस ने खेला बड़ा दांव, भाजपा से नाराज होकर थामा था दामन
बिजनौर। नगीना सुरक्षित लोकसभा सीट पर दूसरे चरण में चुनाव होगा। यहां 18 अप्रैल के मतदान होना है। कांग्रेस ने यहां से पूर्व सांसद ओमवती जाटव को टिकट दिया है जबकि भाजपा की तरफ से डॉ. यशवंत सिंह मैदान में हैं। इस सीट पर गठबंधन की तरफ से बसपा ने गिरीश चंद्र पर दांव खेला है। आइए हम आपको बताते हैं कांग्रेस प्रत्याशी ओमवती जाटव के बारे में।
18 अप्रैल को होगा मतदान
18 अप्रैल को नगीना लोकसभा सीट की पांच विधानसभाओं के मतदाता वोटिंग करेंगे। इस सीट पर शुरू से मुस्लिम और दलित गठजोड़ चला है। यह सीट 2009 में परिसीमन के बाद बनी थी। कांग्रेस उम्मीदवार ओमवती जाटव मार्च 2019 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को छोड़कर कांग्रेस में आई हैं। उनके साथ ही उनके पति पूर्व आईएएस रमेश कुमार सिंह ने भी कांग्रेस ज्वाइन कर ली थी।
नगीना में है आवास
ओमवती देवी का जन्म 1949 में बिजनौर के गांव तखावली में हुआ था। उनकी शादी जून 1959 में आरके सिंह से हुई। आरके सिंह आईएएस अधिकारी रह चुके हैं। फिलहाल वह नगीना के सब्जी मंडी के पास पैतृक आवास में रहते हैं। दोनों के तीन बेटियां हैं।
राजनीतिक सफर
- ओमवती 1985 में कांग्रेस के टिकट पर नगीना से विधायक बनीं।
- इसके बाद सपा के टिकट पर वह 1996 में विधायक और 1997 में सांसद बनीं।
- 2002 में वह फिर सपा से विधायक बनीं।
- ओमवती के पति आरके सिंह भी 2009 में नगीना सीट से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़े, लेकिन हार गए।
- 2007 में वह बसपा के टिकट पर नगीना से विधायक बनीं तो मायावती ने उन्हें राज्यमंत्री बना दिया।
- 2012 में ओमवती विधानसभा चुनाव हार गईं।
- इसके बाद आरके सिंह और ओमवती ने भाजपा ज्वाइन कर ली।
- भाजपा ने ओमवती को 2017 विधानसभा चुनाव में मौका दिया लेकिन वह हार गईं।
- इसी साल मार्च की शुरुआत में दोनों पति-पत्नी भाजपा छोड़कर कांग्रेस में आ गए।
Published on:
29 Mar 2019 02:24 pm
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