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भाभी-देवर ने दीवार पर लिखवाया कुछ ऐसा, प्रशासन को जेसीबी भेजकर तुड़वाने पड़े घर

एक महिला और उसके देवर ने अपनी दीवार पर कुछ लिखा हुआ था। इसके साथ ही प्रशासन ने आकर उनकी गैर मौजूदगी में पूरा मकान ही गिरा दिया।

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भाभी-देवर ने दीवार पर लिखवाया कुछ ऐसा, प्रशासन को जेसीबी भेजकर तुड़वाने पड़े घर

बिजनौर। योगी सरकार ने सत्ता में आने के साथ ही प्रदेश में अतिक्रमण व अवैध रूप से कबजाई गई जमीनों को खाली करने के निर्देश जारी किए थे। जिसके बाद से लगातार विभिन्न जिलों में प्रशासन द्वारा कार्रवाई कर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया जा रहा है। वहीं अब इस सबके बीच एक अलग मामला सामने आया है। जहां एक महिला और उसके देवर ने अपनी दीवार पर कुछ लिखा हुआ था। इसके साथ ही प्रशासन ने आकर उनकी गैर मौजूदगी में पूरा मकान ही गिरा दिया और जमीन को कब्जा मुक्त कराया।

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मामला कोतवाली देहात क्षेत्र का है। जहां रहने वाली एक महिला और उसके देवर ने ग्राम प्रधान और प्रशासन पर गलत कार्रवाई की बात कहते हुए गांव से परिजनों सहित पलायन कर लिया। जबकि पीड़ित अपने पशुओं को गांव में ही छोड़कर चले गए। दरअसल, पुलिस और राजस्व विभाग की टीम ने हाईकोर्ट के आदेश पर गांव महमूदपुर भावता में खलियान की भूमि पर बने मकानों ध्वस्त कराकर कब्जा मुक्त कराया। इसके साथ ही पुलिस प्रशासन ने कब्जाधारकों के मकानों के ताले तोड़कर अंदर रखा सामान व पशुओं को गांव के राशन डीलर, सफाई कर्मचारी और एक ग्रामीण की सुपुर्दगी में दे दिया।

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बताया जा रहा है कि ग्राम प्रधान अरुण कुमार व भूमि संरक्षण अध्यक्ष नीरज कुमार ने हाईकोर्ट में एक वाद दायर किया था। जिसमें उन्होंने गांव की महिला धनवती व उसके देवर ओमप्रकाश आदि पर कई दशक से मकान बना कर अवैध कब्जा करने की बात कही। जिसके बाद सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने खलियान की भूमि को कब्जा मुक्त कराने के आदेश दिए। नगीना तहसील प्रशासन इस जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए कई बार प्रयास किए, लेकिन भूमि कब्जा मुक्त नहीं हो पाई। जिसके बाद महिला और उसके देवर ने अपने घरों की दीवारों पर लिखवाया कि वे ग्राम प्रधान और प्रशासन की प्रताड़ना से वह तंग आ गए हैं और गांव से पलायन कर रहे हैं। जिसके बाद वह अपने परिजनों समेत गांव से चले गए।

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इसके बाद प्रशासन व पुलिस की टीम दो जेसीबी के साथ गांव में पहुंची और शनिवार को महिला तथा उसके देवर के मकान को उनकी अनुपस्थिति में ध्वस्त करा दिए। पुलिस-प्रशासन ने ध्वस्त मकानों की ईंट व मलबा पास में बने तालाब में फिकवा दिया। राजस्व इंस्पेक्टर सुरेंद्र कौशिक के अनुसार 22 दिसंबर को राजस्व विभाग की टीम भूमि कब्जा मुक्त कराने गई। इस दौरान महिला धनवती ने अपने उपर मिट्टी का तेल छिड़ककर आत्मदाह करने का प्रयास किया। जिसके बाद महिला, उसके देवर व पांच अन्य महिलाओं के खिलाफ आत्मदाह करने के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।


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