
बिजनौर। गोरखपुर और फूलपुर के बाद बिजनौर के नूरपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए सरगर्मी तेज हो गई है। स्थानीय स्तर से लेकर हाईकमान तक की निगाहें इस सीट पर टिक गई है। वहीं, कई नेता टिकट के लिए अपनी-अपनी दावेदारी पेश करने लगे हैं। जनपद बिजनौर के सपा जिला अध्यक्ष अनिल यादव ने मंगलवार को इस सीट को लेकर अपनी दावेदारी पेश करते हुए कहा कि इस सीट पर चुनाव लड़ने के लिए वो प्रबल दावेदार हैं।
कई और प्रत्याशी पर पेश कर रहे हैं अपनी दावेदारी
अनिल यादव ने कहा कि कि वो काफी समय से इस क्षेत्र में लोगों की आवाज को लेकर पार्टी से मिलकर मजलुमों की मदद समय-समय पर करते रहे। इसके अलावा पूर्व सपा मंत्री मूलचंद चौहान भी अपने बेटे अमित चौहान के लिए पार्टी हाईकमान से टिकट मांग रहे हैं। साथ ही चांदपुर से पूर्व प्रत्याशी अरशद और नूरपुर विधान सभा से 2017 में इसी सीट पर लड़ने वाले नईमउल हसन भी इस विधानसभा क्षेत्र से अपनी-अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं।
जल्द होगा प्रत्याशी का ऐलान
हालांकि, इस सीट को लेकर जिला अध्यक्ष सपा अनिल यादव ने बताया कि पार्टी हाईकमान द्वारा इस सीट पर जिसे भी टिकट दिया जाएगा। मैं उसे पूरे ईमानदारी से चुनाव लड़ाने का काम करूंगा। वहीं, आरएलडी और बसपा के गठबंधन को लेकर उन्होंने साफ कर दिया की इस सीट पर अखलेश जो भी फैसले लेंगे उस फैसले का सम्मान करते हुए मैं उनके निर्देशों का पालन करूंगा। उन्होंने बताया कि कुछ ही दिनों में पार्टी हाईकमान इस सीट पर प्रत्याशी की घोषणा कर देगी।
कांटे होगा मुकाबला
यहां आपको बतादें कि इस सीट को लेकर चुनाव आयोग की ओर से तारीखों का ऐलान नहीं किया गया है। लेकिन, कयास लगाया जा रहा है कि जल्द ही तारीखों का भी ऐलान कर दिया जाएगा। लेकिन, यहां सियासी गरमी बढ़ चुकी है। सभी पार्टियां प्रत्याशियों की तलाश में जुट गई है। अब देखने वाली बात यह होगी क्या सपा- बसपा एक बार फिर भाजपा को हराने के लिए गठबंधन का सहारा लेती है या फिर इस अलग-अलग चुनाव लड़े जाएंगे।
Updated on:
20 Mar 2018 02:45 pm
Published on:
20 Mar 2018 02:29 pm
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