
खरीफ 2023 की फसल
प्रदेश में सूखे की चपेट में आकर खरीफ 2023 की खराब हुई फसलों के नुकसान की भरपाई सरकार करेगी। केन्द्रीय गृह मंत्रालय की गाइडलाइन के अनुसार प्रभावित किसानों को आदान अनुदान के रूप में सहायता देने के लिए प्रदेश के बीकानेर समेत 13 जिलों के जिला कलक्टर्स को निर्देश दिए गए हैं।
प्रदेश के आपदा प्रबंधन सहायता विभाग की ओर से जारी निर्देशानुसार खरीफ में बोई फसल का 33 फीसदी से अधिक नुकसान हुआ है तो 8500 रुपए से लेकर 22 हजार 500 रुपए प्रति हैक्टेयर कृषि आदान अनुदान दिया जाएगा।
इन जिलों में पड़ा था सूखा
खरीफ 2023 की फसल के दौरान अजमेर, ब्यावर, बाड़मेर, बालोतरा, बीकानेर, चूरू, डूंगरपुर, दूदू, जैसलमेर, जोधपुर, फलोदी एवं नागौर जिले में कुछ तहसीलों को सूखा प्रभावित घोषित किया गया था।
सरकार के निर्देशानुसार इन जिलों में खरीफ फसल 2023 में दो हैक्टेयर व दो हैक्टेयर से अधिक भूमि वाले लघ़ु सीमांत एवं अन्य काश्तकारों की फसलों में सूखे से 33 प्रतिशत से अधिक खराबा हुआ है तो इन पात्र काश्तकारों को 11 जुलाई 2023 को जारी मानदंडों के अनुसार अनुदान सहायता वितरित करनी है।
यह मिलेगी सहायता राशि
- असिंचित क्षेत्र के प्रभावित काश्तकार को 8500 रुपए प्रति हैक्टेयर।- बिजली कुआं या नहर से सिंचित क्षेत्र को 17000 रुपए प्रति हैक्टेयर।
- बारहमासी फसलों वाले क्षेत्र को 22500 रुपए प्रति हैक्टेयर।
तहसीलदारों ने मांगे दस्तावेज
सरकार की ओर से सहायता देने के आदेश मिलने के बाद सूखा प्रभावित क्षेत्र के तहसीलदारों ने किसानों के लिए आम सूचना जारी कर दी है। इसमें पात्र किसानों को आधार कार्ड और जमाबंदी की प्रति पटवारी को 30 जनवरी तक जमा कराने के लिए कहा गया है।
यह डाटा पटवारी की ओर से सहायता के लिए खोले गए पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। जिसके आधार पर जिला कलक्टर सहायता राशि का वितरण किसानों को करेंगे।
Published on:
16 Jan 2024 04:57 pm
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