
खरीदारी करते ग्राहक फोटो- पत्रिका
कभी बुजुर्गों और गांधीवादियों की पहचान समझी जाने वाली खादी अब युवाओं की अलमारी में भी अपनी मजबूत और स्थाई जगह बना चुकी है। लेटेस्ट डिजाइन, आकर्षक रंग और 50 फीसदी तक डिस्काउंट। इन सबने खादी को फिर से फैशन ट्रेंड में ला खड़ा किया है। बीकानेर के खादी भंडारों में इन दिनों खादी जैकेट, हंटिंग शर्ट, कुर्ते और जींस की मांग तेजी से बढ़ रही है।
युवाओं में बढ़ रहा खादी का फैशन ट्रेंड
कॉलेज स्टूडेंट्स से लेकर ऑफिस प्रोफेशनल्स तक हर वर्ग के लोग खादी परिधानों को अपनाने लगे हैं। दुकानदारों के अनुसार, त्योहारी और सर्दी के सीजन में खादी की बिक्री 40-50 फीसदी तक बढ़ी है। नई डिजाइनिंग और कलर वैरायटी ने युवाओं को विशेष रूप से आकर्षित किया है।
बारीक धागे से तैयार,,,अब खादी दिखती है और भी फाइन
दुकान संचालक बलदेव दास व्यास बताते हैं, पहले खादी मोटी और सीमित विकल्पों में आती थी। अब बारीक धागे से फैशनेबल कपड़ा तैयार हो रहा है। डिजाइन और मॉर्डर्न पैटर्न आने से डिमांड कई गुना बढ़ गई है। पहले युवा कम आते थे, उनके अभिभावक ही खादी वस्त्र खरीद कर उनके लिए भी ले जाते थे। अब युवा खुद चलकर खरीदारी कर रहे हैं। बाजार में अब खादी सिर्फ परंपरागत कुर्ता-पायजामा तक सीमित नहीं है। हंटिंग शर्ट, जैकेट, जींस, स्टॉल, शॉल जैसी रेंज आने से खादी एक बार फिर ट्रेंड में छा गई है। दुकानदारों के अनुसार, अक्टूबर–दिसंबर के बीच बिक्री दोगुनी हो गई।
महिलाओं के लिए भी अलग काउंटर
खादी की दुकानों में महिलाओं के लिए विशेष सेक्शन बनाया गया है। यहां बंधेज शॉल, स्टॉल, सिल्क/कॉटन साड़ियां, कुर्तियां, बच्चों के सूट, बेडशीट, विंटर शूट पीस आदि उपलब्ध हैं।
यह उत्साहजनक है
बच्चों और युवाओं की मांग को देखते हुए खादी समितियां भी डिजाइन और फैशन में बदलाव कर रही हैं। पिछले कुछ साल में खादी की ओर रुझान काफी बढ़ा है। यह उत्साहजनक है।
-रविंद्र प्रसाद व्यास, संभाग अधिकारी, खादी
Updated on:
10 Dec 2025 08:12 pm
Published on:
10 Dec 2025 08:12 pm
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