12 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

डागा चौक में पुराना मकान गिरा, हादसा टला

बीकानेर. शहर में सोमवार को हुई बारिश के साथ ही पुराने और जर्जर मकान-इमारतों के गिरने का सिलसिला शुरू हो गया है। मंगलवार अलसुबह करीब साढ़े पांच बजे डागा चौक में एक पुराना अचानक गिर गया। गनीमत रही कि मकान के गिरने से उसकी चपेट में कोई नहीं आया। बताया जा रहा है कि जो […]

2 min read
Google source verification

बीकानेर.

शहर में सोमवार को हुई बारिश के साथ ही पुराने और जर्जर मकान-इमारतों के गिरने का सिलसिला शुरू हो गया है। मंगलवार अलसुबह करीब साढ़े पांच बजे डागा चौक में एक पुराना अचानक गिर गया। गनीमत रही कि मकान के गिरने से उसकी चपेट में कोई नहीं आया। बताया जा रहा है कि जो मकान गिरा, वह बुलाकी दास जोशी का है। परिवार के तीन सदस्य है। तीनों सदस्य कल रात को ही नजदीक िस्थत अपने भाई पुखराज के मकान में सोने गए थे। अन्यथा हादसा हो सकता था।

तेज आवाज, क्षेत्र में मचा हडकंप

सुबह करीब साढ़े पांच बजे पुराना मकान जिसमें भूतल पर दो कमरे व प्रथम तल पर एक कमरा बना हुआ था अचानक भरभरा कर गिर गए। इससे तेज आवाज हुई। आस पडौस में रहने वाले लोगों की नींद खुल गई व घरों से बाहर निकल आए।बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए।

घरेलू सामान मलबे में दबा

बुलाकी दास जोशी के भाई पुखराज जोशी ने बताया कि मकान,दीवारा व छत गिरने से घरेलु सामान टीवी, कूलर, गैस चूल्हा, गैस भट्टी, बर्तन, राशन सामग्री, कपड़े, बिस्तर इत्यादि मलबे में दबने से नष्ट हो गए है। बुलाकी दास ठेला गाडा लगाकर परिवार का भरण पोषण कर रहा है।

नोटिस चस्पा कर भूला निगम

डागा चौक में जिस स्थान पर पुराना मकान गिरा, उसके आस पास िस्थत तीन पुराने और जर्जर मकानों व इमारतों पर निगम ने नोटिस चस्पा कर रखे है। ये जर्जर मकान व इमारते कभी भी बारिश के दौरान ढह सकते है व हादसा हो सकता है। निगम नोटिस चस्पा कर कार्यवाही की इतिश्री कर चुका है।

दर्जनों इमारते जर्जर, हादसे की आशंका

नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में दर्जनों ऐसी इमारते और मकान है जो दशकों पुराने है व जर्जर िस्थति में है। बारिश के दौरान ये कभी भी ढह सकते है व हादसा हो सकता है। नगर निगम ऐसी इमारतों व मकानों का सर्वे कर नोटिस जारी कर चुका है, लेकिन इन इमारतों व मकानों के खतरनाक बन चुके हिस्सों को उतरवाने में उदासीनता बरत रहा है। हर साल बारिश के दौरान पुराने मकानों व इमारतों के ढहने का क्रम बना रहता है।