
Ashok Soni Success Story
बीकानेर। मजदूर के बेटे ने 10 साल की अथक मेहनत और लगन के बाद देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक यूपीएससी में सफलता हासिल कर न सिर्फ अपने गांव और समाज का नाम रोशन किया है, बल्कि अपने पिता को भी धूप में झुलसने से राहत दिलाई है। यह कितना मार्मिक है कि जब बीकानेर निवासी अशोक सोनी ने यूपीएससी में चयन के बाद अपने पिता को बताया कि उसका यूपीएससी परीक्षा में चयन हुआ है, पिता उस समय मजदूरी कर रहे थे। बेटे ने कहा- पापा, आपके बेटे का चयन यूपीएससी में हो गया है। ऐसे में मजदूर पिता को इस बात की जानकारी नहीं थी कि बेटा किस परीक्षा में चयन की बात कर रहा है। उन्होंने कहा, बेटा, मैं अभी सीमेंट मिला रहा हूं, बाद में बात करना।
जब भी किसी सफलता का जिक्र होता है तो उसके पीछे संघर्ष की एक लंबी कहानी होती है। कुछ ऐसा ही है राजस्थान में अशोक सोनी के परिवार के साथ, जिनका हाल ही में यूपीएससी में चयन हुआ है। सोनी ने परीक्षा में 793वीं रैंक प्राप्त की, उन्हें अपने पांचवें प्रयास में सफलता मिली।
अशोक सोनी जो इन दिनों दिल्ली में रह रहे हैं। उनके पिता बीकानेर में अपने पैतृक गांव में एक मजदूर के रूप में काम करते हैं। इसी बीच जब बेटे ने अपने पिता को फोन किया तो पिता ने कहा कि मैं अभी सीमेंट मिला रहा हूं, बाद में बात करना। इसी बीच अशोक का जवाब आया कि 'पापा थारो छोरो आईएएस बांग्यो है'।
अशोक बताते हैं कि वह पिछले 10 साल से तैयारी कर रहे हैं। अब उनका चयन हुआ है। हालांकि, अभी यह तय नहीं है कि उन्हें कौन सा कैडर मिलने वाला है। लेकिन वह अपने पिता सीताराम और मां सरला की जीवन परिस्थितियों को जरूर बदल देंगे। अशोक का कहना है कि उन्होंने 2013 से 2023 तक हुई सभी परीक्षाओं के पेपर इकट्ठा किए और उसके आधार पर तैयारी शुरू की और अब उन्हें यह सफलता मिली है। अशोक बताते हैं कि परिवार को अधिक से अधिक खुशियां देने के लिए जीवन में हमेशा कड़ी मेहनत करनी चाहिए।
Updated on:
25 Apr 2024 04:15 pm
Published on:
25 Apr 2024 04:11 pm
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