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बालिका सुरक्षा पर ध्यान, शिकायत पेटी की हर सात दिन में होगी जांच

पुलिस अधीक्षक ने महिला पेट्रोलिंग यूनिट को दी जिम्मेदारी

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बालिका सुरक्षा पर ध्यान, शिकायत पेटी की हर सात दिन में होगी जांच

बालिका सुरक्षा पर ध्यान, शिकायत पेटी की हर सात दिन में होगी जांच

बीकानेर. बालिकाओं व कामकाजी युवतियों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए पुलिस एक बार फिर से शिकायत पेटी की तरफ फोकस कर रही है। शिकायत पेटी की जांच व शिकायतों के निस्तारण के लिए संबंधित थानों के साथ-साथ महिला पेट्रोलिंग यूनिट को विशेष जिम्मेदारी दी गई है। स्कूलों में शिकायत पेटी को गरिमा पेटी नाम दिया गया है।

यह गरिमा पेटी विशेष तौर से दसवीं से 12 तक के गर्ल्स स्कूल व कॉलेजों में रखवाई गई है। इन गरिमा पेटियों में शिकायतें न के बराबर आ रही हैं। जिला पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम ने बालिकाओं व कामकाजी महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से गरिमा पेटी पर फोकस किया है।


दो साल पहले लगवाई गई थी गरिमा पेटी
स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों में आपराधिक मनोवृत्ति की बढ़ोतरी और आचरण में आ रही गिरावट के कारण शिक्षा विभाग ने दो साल पहले राज्य के हर स्कूल में एक गरिमा पेटी रखने का निर्णय लिया था। कोई भी लड़का या लड़की अपने खिलाफ हो रहे अन्याय के खिलाफ लिखकर पत्र इस पेटी में डाल सकता है।

पहले भी लगी गरिमा पेटी
यह पहला मौका नहीं है जब स्कूलों में गरिमा पेटी लगाई जा रही है। इससे पहले भी गरिमा पेटी लगी, लेकिन कोई खास परिणान नहीं आया। यहां तक कि स्कूल में लगी गरिमा पेटियों में आए पत्र बाहर तक नहीं निकलने की शिकायतें मिली। स्टूडेंट्स ने भी कोई बड़ी शिकायत इस पर नहीं की। अगर की भी, तो वो सामने नहीं आई।

अब सीधे शिकायत करती हैं युवतियां

पुलिस की एक वरिष्ठ महिला पुलिस अधिकारी ने बताया कि स्कूलों में लगी शिकायत-गरिमा पेटी में बालिकाएं बहुत कम शिकायतें करती हैं। बदनामी के डर से वे शायद शिकायत करने से कतराती हैं। जिले में जब से महिला पेट्रोलिंग यूनिट का गठन किया गया है, तब से बालिकाएं सीधे यूनिट की महिला सदस्यों को फोन कर शिकायत करती हैं और मदद लेती हैं।

पुलिस भी ऐसे मामलों में बिना कोई मामला दर्ज किए उनकी समस्या का निस्तारण करती है। पुलिस विभाग की मानें, तो पिछले दो साल में शिकायत पेटी में एक भी शिकायत नहीं आई, लेकिन बालिकाओं से छेड़छाड़ के 567 मामलों का निपटारा हो चुका है।

एक नजर में ...

- जिले में कॉलेज 18
- स्कूल 3500

- ऑफिस 15000

इनका कहना है...
स्कूलों में शिकायत-गरिमा पेटी लगी हुई है। बालिकाएं किसी भी तरह की परेशानी होने पर पुलिस से मदद मांग सकती हैं। बालिकाओं को किसी से डरने व घबराने की जरूरत नहीं है। शिकायत करने व मदद मांगने वाली बालिकाओं के नाम-पते गुप्त रखे जाएंगे। महिला पेट्रोलिंग यूनिट को बालिकाओं की शिकायतों का समाधान करने के लिए विशेष निर्देशित किया गया है। सप्ताह में एक बार शिकायत पेटी की जांच आवश्यक रूप से की जाएगी।

तेजस्वनी गौतम, पुलिस अधीक्षक


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