
Bajra-made cakes and cookies entice the youth
बीकानेर. प्रदेश में कम पानी से पकने वाले बाजरे में भरपूर पौष्टिक तत्व होते हैं। इस फसल से पशुओं को चारा भी मिलता है, लेकिन बाजरे के ज्यादा स्वादिष्ट नहीं होने के चलते नई पीढ़ी इससे दूर है।
अब न्यूट्रीशियन की पढ़ाई पूरी करने के बाद तीन युवतियों ने ज्वार-बाजरे से केक, बिस्किट और अन्य खाद्य तैयार किए है। ये युवाओं को भी लुभा रहे हैं। तीनों युवतियों के इस स्टार्टअप से खाने वाले को स्वास्थ्य लाभ तो मिलेगा ही ज्वार-बाजरे की बाजार में मांग बढऩे का लाभ किसानों को भी होगा।
प्रतिरोधक क्षमता
बेंगलूरू में न्यूट्रीशियन की पढ़ाई कर स्टार्टअप शुरू करने वाली तनुश्री सिंह, रीमा राठौड़ व सोनिया ग्रोवर ने बताया कि बाजार में गेहूं, मैदा व कॉर्न के केक व कुकीज ही मिलते हैं। इन सबसे ज्यादा पौष्टिक तत्व और डायबिटीज सहित कई रोगों से लडऩे की शरीर में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाला ज्वार-बाजारा होता है।
इसमें आयरन, प्रोटीन सहित सभी तरह के तत्व मौजूद रहते हैं। एेसे में ज्वार-बाजरे के केक-कुकीज बनाने का स्टार्टअप शुरू किया। इसमें युवाओं की पसंद और स्वाद को ध्यान में रखते हुए चोकलेट आदि फ्लेवर भी डाले हैं। बाजारा बहुतायात उगाया जाता है और तैयार उत्पादों की लागत भी अन्य की तुलना में कम आती है।
ये खाने के उत्पाद
खाद्य उत्पादों में चार तरह की कैटेगरी है। इनमें केक, कुकीज, ब्राउनी, कब केकस है। इसके अलावा डार्क चॉकलेट बाजरा व ज्वार कुकी, बाजरा एल्टमेटी केस्यु, ज्वार जीरा प्री बाइटिक, ओट्स एंड मिल्क, टूटी-फ्रुटी बाजरा व ज्वार केक, बाजरा डार्क चॉकलेट केक, बाजरा ब्राउनी, कब केकस, लो शुगर ओट्स आदि उत्पाद है।
देशभर में आपूर्ति
बीकानेर में तैयार हो रहे बाजरे व ज्वार के उत्पाद केक और कुकीज की आपूर्ति बीकानेर के साथ ही अहमदाबाद, बनारस, दिल्ली, बेंगलूरु में भी की जा रही है। उदयपुर व जयपुर से भी मांग आ रही है।
Published on:
13 Sept 2019 06:00 am
