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शिक्षा विभाग में सीसीएल पर तत्काल प्रभाव से रोक

यह पहला मौका है जब चाइल्ड केयर लीव पर किसी तरह की रोक लगाई गई है। गौरतलब है कि इस समय कई शिक्षिकाओं के बच्चों की भी परीक्षाएं चल रही हैं और मौसम परिवर्तन के चलते बच्चे बीमार हो रहे हैं। ऐसे में शिक्षिकाओं को सीसीएल की जरूरत पड़ती है, लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने आदेश निकाल कर शिक्षिकाओं की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।

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शिक्षा विभाग में सीसीएल पर तत्काल प्रभाव से रोक

शिक्षा विभाग में सीसीएल पर तत्काल प्रभाव से रोक

परीक्षाओं का सीजन चलने के कारण सरकारी स्कूलों में कार्यरत महिला शिक्षिकाओं तथा अन्य कार्मिकों के चाइल्ड केयर लीव (सीसीएल) पर रोक लगा दी गई है। यह पहला मौका है जब चाइल्ड केयर लीव पर किसी तरह की रोक लगाई गई है। गौरतलब है कि इस समय कई शिक्षिकाओं के बच्चों की भी परीक्षाएं चल रही हैं और मौसम परिवर्तन के चलते बच्चे बीमार हो रहे हैं। ऐसे में शिक्षिकाओं को सीसीएल की जरूरत पड़ती है, लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने आदेश निकाल कर शिक्षिकाओं की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। इसके अलावा जिन शिक्षिकाओं ने पूर्व में सीसीएल स्वीकृत करवा रखी है, उन्हें भी सीसीएल निरस्त करवा कर स्कूलों में लौटने के आदेश दिए गए हैं। पूर्व में वसुंधरा राजे के मुख्यमंत्री रहने के दौरान महिला कर्मियों की परेशानी को देखते हुए बच्चे के 18 साल तक आयु पूरी नहीं होने तक दो साल का सीसीएल लेने की स्वीकृति जारी की गई थी। विभाग के उच्च अधिकारियों ने वीसी के जरिये अधिकारियों को इस समय किसी की भी सीसीएल स्वीकृत नहीं करने के निर्देश दिए हैं। कहा था कि अगर कोई शिक्षिका तथा अन्य महिला कार्मिक ने पूर्व में सीसीएल स्वीकृत करवा रखी है, तो उनकी सीसीएल को निरस्त कर स्कूल बुलाया जाए। महिला कार्मिकों का संकट यह है कि इनमें से कइयों के बच्चों की उम्र अगले सत्र तक 18 वर्ष पार हो जाएगी। ऐसे में उन्हें सीसीएल का लाभ तकनीकी आधार पर नहीं मिल पाएगा। इस समय बोर्ड की परीक्षाएं चल रही हैं। यह परीक्षाएं 4 अप्रेल को समाप्त होंगी। इसके बाद स्कूलों में छोटी कक्षाओं की परीक्षाएं शुरू हो जाएंगी और 16 मई से ग्रीष्मावकाश शुरू हो जाएगा। इसे देखते हुए अब आगामी शिक्षा सत्र में ही सीसीएल स्वीकृत होने की उम्मीद है।

सीसीएल का नियम

पूर्ववर्ती वसुंधरा राजे सरकार ने नियम बनाया था कि महिला कार्मिकों के लिए बच्चों के पालन-पोषण, उनके बीमार होने या बच्चों की परीक्षा के लिए महिलाएं यह अवकाश ले सकती हैं। बच्चे के 18 वर्ष आयु पूरा होने से पहली यह सुविधा मान्य है।

क्या कहता है सीबीईईओ का ताजा आदेश

शिक्षा विभाग के शासन सचिव एवं शिक्षा निदेशक के 27 फरवरी को हुई वीसी में दिए गए निर्देशों के क्रम में समस्त पीईईओ, यूसीईईओ तथा संस्था प्रधान परिक्षेत्र ब्लॉक बीकानेर को सूचित किया जाता है कि बोर्ड परीक्षा सम्बन्धी कार्य को अति-आवश्यक सेवा के मद्देनजर इस कार्यालय से स्वीकृत समस्त चाइल्ड केयर अवकाश निरस्त किए जाते हैं। सभी संबंधित कार्मिक तुरन्त प्रभाव से अपने-अपने मुख्यालय एवं विद्यालय में कार्यग्रहण करें। अत: संबंधित पीईईओ, यूसीईईओ तथा संस्था प्रधान को आदेशित किया जाता है कि अपने-अपने अधीनस्थ समस्त कार्मिकों के स्वीकृत चाइल्ड केयर अवकाश व उपार्जित अवकाश के संबंध में वीसी में दिए गए निर्देशों के अनुसार कार्रवाई करना सुनिश्चित करें, अन्यथा की स्थिति में आप स्वयं जिम्मेदार होंगे।


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