
बीकानेरी भुजिया नमकीन श्रमिक संघ का अनिश्चितकालीन धरना कलक्ट्रेट परिसर में गुरुवार को भी जारी रहा। संघ के महामंत्री भागीरथ सिंह राजपुरोहित ने बताया कि श्रमिकों की जायज मांगों के लिए श्रम विभाग में त्रिपक्षीय वार्ता होनी थी परंतु नियोक्तागणों की हठधर्मिता के कारण वार्ता नहीं हो सकती। उन्होंने बताया कि शुक्रवार से भुजिया की भट्टियां बंद रखने का निर्णय लिया गया।
धरनार्थियों को संबोधित करते हुए गौरीशंकर व्यास ने कहा कि भुजिया के कारण बीकानेर का नाम विश्व में प्रसिद्ध है परंतु भुजिया बनाने वाले श्रमिकों को अपने पेट भरने के लिए मजदूरी बढ़ाने के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। धरनार्थियों को राणु सिंह, युधिष्ठिर सिंह भाटी, मूलचंद खत्री, अध्यक्ष विजयसिंह, कानीराम, खुमाराम, सीताराम आदि ने भी संबोधित किया। धरने में ग्रामीण भुजिया ने भी भाग लिया।
भुजिया का स्टॉक फुल, तीन महीनों तक घबराने की जरूरत नहीं
भुजिया-पापड़ मैन्यूफैक्चर्स एसोसिएशन के महामंत्री मक्खन अग्रवाल व वेदप्रकाश अग्रवाल ने कहा कि बीकानेरवासियों व बाहर के व्यापारियों को किसी भी तरह से परेशान होने की जरुरत नहीं है। वर्तमान में संभाग मुख्यालय पर आगामी तीन महीनों तक का भुजिया का स्टॉक प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है।
उन्हें जब चाहे तब बिना किसी भाव बढ़ाए नमकीन भुजिया मिलेगा। भुजिया व्यवसाईयों ने कहा कि सरकार द्वारा प्रदत्त बढ़ी हुई रेट देने के लिए श्रमिकों को कभी मना नहीं किया। कारीगरों ने अपने स्तर पर ही भाव घोषित कर दिए थे जो व्यापारियों को मान्य नहीं है।
फर्जीवाड़ा कर खाते से निकाले साढ़े २२ लाख रुपए
बैंक कर्मचारियों के साथ मिलकर धोखाधड़ी से बैंक खाते से लाखों रुपए निकालने का मामला सामने आया है।
इस संबंध में नोखा रोड निवासी पीडि़त लीलादेवी पत्नी सांवरलाल माली ने कोटगेट पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया है।
उसने रिपोर्ट में बताया कि बेबी पत्नी राकेश, किशोर पुत्र हनुमान कच्छावा ने एसीबीआई शाखा कोटगेट एवं केईएम रोड के कर्मचारियों से मिलीभगत कर उसके खाते से करीब २२.५० लाख रुपए निकाल लिए। पीडि़ता ने अपने भाई को अलग-अलग खातों में ७ लाख, १५.५० लाख रुपए जमा कराने के लिए थे लेकिन दोनों बैंक कर्मचारियों से मिलीभगत कर रुपए हड़प लिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
Published on:
4 May 2018, 9:40 AM IST
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