गिरी ने उसके भाई को जान से मारने की नीयत से पिकअप से टक्कर मारी। उसका भाई नीचे गिर गया। इतने में पिकअप में से भजनगिरी, श्रवणगिरी, मनोजगिरी, आसगिरी, महावीर गिरी, महेंद्रगिरी, मालगिरी, अमरगिरी आदि हाथों में लोहे के सरिए व लाठियां लेकर आए एवं उसके भाई को घेर लिया। आरोपियों ने कहा कि तेरे भतीजे प्रकाशगिरी और तूने कुर्कशुदा भूखंड पर सफाई कर हमारे द्वारा जागरण व समारोह किए जाने की शिकायत की इसका उसे सबक सिखाकर जान से मारे बिना नहीं छोड़ेंगे। आरोपियों ने सुरजनदास के साथ हथियारों से ताबड़तोड़ वार किए, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गया। शोरगुल मचाने पर आरोपी भाग गए। बाद में घायल सुरजनदास को इलाज के लिए नोखा जिला अस्पताल लेकर आए। वहां से उसे बीकानेर रेफर कर दिया।