प्रकरण के अनुसार न्यायालय ने अभियुक्त घासीराम, सीताराम, मनोहरराम पुत्र देवाराम, जेठाराम पुत्र घासीराम, डेलूराम पुत्र सीताराम, धन्नाराम पुत्र रेवंतराम, ईमादेवी पत्नी घासीराम, चीमादेवी पत्नी सीताराम को भांदसं की धारा 302 के तहत दोषी करार दिया। उन्होंने आठों को उम्रकैद की सजा से दंडित किया। अर्थदंड जमा नहीं कराने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।