8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Bikaner : हत्या के मामले में दोषी दो महिलाओं समेत आठ को उम्रकैद

बीकानेर. श्रीडूंगरगढ़ तहसील के सोनियासर गांव में करीब 17 साल पहले हुई रामकरण नामक व्यक्ति की हत्या के मामले में सोमवार को एससी-एसटी कोर्ट ने फैसला सुनाया। न्यायाधीश विनोद कुमार वाजा की कोर्ट ने हत्या के मामले में दोषी पाए जाने पर दो महिलाओं समेत आठ अभियुक्तों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। वहीं चार आरोपियों के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य व सबूत नहीं होने पर बरी कर दिया।
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

बीकानेर

•

image

Jitendra Goswami

•

Updated: 5 Sep 2023, 1:23 AM IST

Bikaner : हत्या के मामले में दोषी दो महिलाओं समेत आठ को उम्रकैद

Bikaner : हत्या के मामले में दोषी दो महिलाओं समेत आठ को उम्रकैद

बीकानेर. श्रीडूंगरगढ़ तहसील के सोनियासर गांव में करीब 17 साल पहले हुई रामकरण नामक व्यक्ति की हत्या के मामले में सोमवार को एससी-एसटी कोर्ट ने फैसला सुनाया। न्यायाधीश विनोद कुमार वाजा की कोर्ट ने हत्या के मामले में दोषी पाए जाने पर दो महिलाओं समेत आठ अभियुक्तों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अभियुक्तों पर पांच-पांच हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। वहीं चार आरोपियों के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य व सबूत नहीं होने पर बरी कर दिया।

प्रकरण के अनुसार न्यायालय ने अभियुक्त घासीराम, सीताराम, मनोहरराम पुत्र देवाराम, जेठाराम पुत्र घासीराम, डेलूराम पुत्र सीताराम, धन्नाराम पुत्र रेवंतराम, ईमादेवी पत्नी घासीराम, चीमादेवी पत्नी सीताराम को भांदसं की धारा 302 के तहत दोषी करार दिया। उन्होंने आठों को उम्रकैद की सजा से दंडित किया। अर्थदंड जमा नहीं कराने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

30 गवाहों के बयान व 68 दस्तावेज पेश

न्यायालय के समक्ष विशिष्ठ लोक अभियोजक कुंवर कुंदन व्यास ने 30 गवाहों के बयान करवाए और 68 से अधिक दस्तावेज प्रदर्शित किए। गवाह, सबूत व एफएसएल रिपोर्ट के आधार पर न्यायालय में आरोपियों को दोषी करार दिया। वहीं बचाव पक्ष की ओर से तीन गवाहों के बयान करवाए और 22 दस्तावेज प्रदर्शित किए गए। न्यायालय ने आरोपी रेखाराम, रतिराम, चतराराम, दीपाराम को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया। जबकि एक अन्य आरोपी देवाराम की दौराने अन्वीक्षा मृत्यु होने पर कार्रवाई ड्रॉप कर दी गई।यह है मामला

अधिवक्ता ओपी हर्ष ने बताया कि वर्ष 2006 में श्रीडूंगरगढ़ थाना क्षेत्र के सोनियासर गांव के खेत में घुसकर रामकरण, डूंगरराम, श्रवणराम व तीजा मेघवाल पर गंडासी, लाठी, बर्छी व कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला किया गया। हमले में रामकरण, श्रवणराम व तीजा देवी के गंभीर चोटें आई। रामकरण की इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर कोर्ट में चालान पेश किया।