
इस परीक्षा में ठग गिरोह ने मारी सेंध, नौकरी पक्की करने के लिए मांग रहे है इतने रूपए
एक लाख में मेडिकल पास का झांसा, 80 अभ्यर्थी हो चुके शिकार
दिनेश स्वामी
बीकानेर. कर्मचारी चयन आयोग (Staff Selection Commission) की लिखित परीक्षा के बाद अद्र्ध सैनिक बलों के सिपाही चयनित अभ्यर्थियों की विस्तृत चिकित्सा परीक्षा में ठग गिरोह सेंध लगा चुका है। अभ्यर्थियों के मोबाइल नम्बर पर कॉल कर एक लाख से तीन लाख रुपए में परीक्षा पास करवाने और नौकरी पक्की करने का झांसा देकर ठगी की जा रही है। कुछ अभ्यर्थी इस गिरोह के शिकार हो चुके है। पत्रिका ने इस गिरोह के 74 मोबाइल कॉल के साथ जिस अकाउंट में पैसा लिया जा रहा है उनकी जानकारी जुटाई है।
पत्रिका की पड़ताल में सामने आया कि बीकानेर में चल रही चिकित्सा जांच परीक्षा के सभी करीब 2500 अभ्यर्थियों के मोबाइल नम्बर गिरोह के पास है। वे कॉल पर खुद को चयन बोर्ड का अधिकारी बताते हुए रुपए ऑनलाइन अकाउंट में डालने की बात कह रहे है। गिरोह के लोग बेखौफ नौकरी के लिए चयन करवाने का दावा कर रहे है। बीएसएफ और चयन बोर्ड के अधिकारियों ने अभ्यर्थियों को सतर्क करने के लिए बकायदा बीएसएफ परिसर के गेट पर बैनर तक लगा दिया है। इसके बाद भी अभ्यर्थियों के पास कॉल आने का सिलसिला जारी है।
लाखों रुपए आ चुके अकाउंट में
बीएसएफ विजिलेंस और जी ब्रांच सामान्य शाखा ने अभ्यर्थियों के पास आ रहे कॉल के मोबाइल नम्बर को ट्रेस किया और उनके बताए अकाउंट नम्बरों की पड़ताल की। इसमें सामने आया कि ठग गिरोह के बताए अकाउंट नम्बर में रोजाना पैसे जमा हो रहे है। बीते दस दिन में तीन अकाउंट में करीब २० लाख रुपए जमा हुए, जिसे जमा होने के कुछ देर बाद ही ठग गिरोह ने निकाल लिया। महज 8 से 10 हजार रुपए ही अकाउंट में छोड़े हुए है।
कई हो चुके शिकार
एसएससी (ssc) भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों ने भी माना कि नौकरी के लालच में कुछ अभ्यर्थियों के ठगी का शिकार होने की आशंका है। रोजाना ९० अभ्यर्थियों को मेडिकल के लिए बुलाया जा रहा है। उन्हें गेट से प्रवेश देने से पहले ही आगाह करते है कि गिरोह सक्रिय है। परीक्षा की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी है। कोई झांसे में नहीं आएं। भर्ती के दौरान 80 अभ्यर्थी कॉल आने की शिकायत कर चुके है।
अभिभावक और अभ्यर्थी सावधान रहें
भर्ती बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि अभ्यर्थियों और अभिभावकों को सतर्क कर रहे है कि इस तरह के गिरोह के झांसे में नहीं आना। मेडिकल बोर्ड में दूसरे प्रदेशों से बीएसएफ में कार्यरत ईमानदार चिकित्सकों की टीम है। फिंगर प्रिंट और चेहरे का मिलान करने के बाद अभ्यर्थी का पूरी पारदर्शिता से मेडिकल टेस्ट लिया जा रहा है। यदि कोई पास करवाने का झांसा दे रहा है तो वह बीएसएफ या भर्ती से जुड़ा अधिकारी नहीं, ठगी करने वाला गिरोह का सदस्य है।
ट्रयू कॉलर में रिक्रुटमेंट बोर्ड का नाम
गिरोह इतना शातिर है कि कॉलर के मोबाइल नम्बर को ट्रयू कॉलर से सर्च करते है तो नाम रिक्रुटमेंट सेल, रिक्रुटमेंट बोर्ड ऑफिसर दिखाता है। ऐसा अभ्यर्थी को विश्वास दिलाने के लिए कर रखा है। पत्रिका ने बीएसएफ विजिलेंस और जी ब्रांच के साथ पड़ताल की तो मोबाइल नम्बर फर्जी आइडी से एक्टिव सिम के निकले।
इन अकाउंट में मांगा पैसा
कॉलर मोबाइल नम्बर-8697008761
अकाउंट नम्बर-38762689310
नाम- सचिदानंद गुप्ता
बैंक शाखा-एसबीआइ शाखा टीटी नगर भोपाल।
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कॉलर मोबाइल नम्बर-7595977620
अकाउंट नम्बर-38887566189
नाम- नीतिश कुमार
बैंक शाखा-एसबीआइ लोधी रोड नई दिल्ली।
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भर्ती अधिकारियों ने एसपी को दी शिकायत
बीएसएफ भर्ती बोर्ड के अधिकारियों ने अभ्यर्थियों से शिकायत मिलने और गोपनीय पड़ताल के बाद बीकानेर पुलिस अधीक्षक प्रदीप मोहन शर्मा को शिकायत दर्ज करवाने के साथ ही ठग गिरोह के मोबाइल नम्बर दिए है।
फर्जीवाड़े में तीन जने गिरफ्तार
बीएसएफ परिसर में 9 जनवरी को मेडिकल जांच परीक्षा शुरू हुई जो 13 फरवरी तक चलेगी। बोर्ड की सतर्कता से अभी तक तीन ऐसे अभ्यर्थी पकड़ में आ चुके है, जिनकी इससे पहले लिखित परीक्षा किसी अन्य ने दी। अब फिंगर मिलान के दौरान पकड़ में आया कि चिकित्सा परीक्षण के दौरान दूसरा जना आया है। इस संबंध में जेएनवीसी पुलिस थाना में मुकदमा दर्ज करवाया गया। तीन युवक संजय, अंकुश और प्रवीण को गिरफ्तार किया गया है।
अभ्यर्थियों के पास कॉल पर इस तरह बातचीत...
गिरोह: हैलो राज... बोल रहे हो...
अभ्यर्थी: हां जी,
गिरोह: आपका एसएससी मेडिकल होना है, मैं चयन बोर्ड का अधिकारी बोल रहा हूं।
अभ्यर्थी: जी बोलिए सर
गिरोह: आप का मेडिकल पास करवाने के बाद आगे की पूरी प्रक्रिया कर नौकरी पक्की कर देंगे। ...दो लाख रुपए देने होंगे।
अभ्यर्थी: इतने पैसे नहीं है हमारे पास, गांव का रहने वाला हूं, गरीब परिवार से हूं।
गिरोह: ठीक है कुछ कम कर देंगे लेकिन, आधा पैसा पहले देना होगा।
अभ्यर्थी: जी बताइए, कहां मिलेंगे।
गिरोह: आपको अकाउंट नम्बर दे देंगे, उसमें एक लाख पहले डाल देना। बाद में ५० हजार दे देना।
अभ्यर्थी: नहीं यह बहुत ज्यादा है। मैं तो 70 हजार दे सकता हूं...।
गिरोह: आप गरीब हो इसलिए कम कर देते है। पहले चालीस हजार आज डाल दो...मेडिकल के बाद मिल लेंगे।
Published on:
30 Jan 2020 06:21 pm
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