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दीप पर्व आज, घर-घर होगा लक्ष्मी पूजन

दीप पर्व आज, घर-घर होगा लक्ष्मी पूजन

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दीप पर्व आज, घर-घर होगा लक्ष्मी पूजन

दीप पर्व आज, घर-घर होगा लक्ष्मी पूजन

धन की देवी लक्ष्मी का महापर्व दीपावली सोमवार को धूमधाम से मनाया जाएगा। घर-घर और दुकानों, प्रतिष्ठानों में शुभ मुहूर्त में गणेश, मां लक्ष्मी, कुबेर, महालक्ष्मी, महासरस्वती, भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना कर महाआरती की जाएगी। दीपावली पर घरों व दुकानों में पूरी रात लक्ष्मी पाठ व मंत्र जाप होगा। विविध पूजन सामग्री से मां लक्ष्मी का पूजन कर विविध व्यंजनों का भोग अर्पित किया जाएगा। कलम, दवात, बही खाता, तराजू, बाट का पूजन होगा। मां लक्ष्मी की प्रसन्नता के लिए घर-घर दीपदान होगा। घर-परिवार के सदस्य सामूहिक रुप से मां लक्ष्मी का पूजन कर सुख-समृद्धि की कामना करेंगे। घरों, मोहल्लों और चौक चौराहों पर आतिशबाजी होगी। मंत्र साधक दीपावली की रात मंत्र साधना करेंगे। घर-परिवार के पुरुष सदस्यों की ओर से हिंडौळ परम्परा का निर्वहन किया जाएगा। जलते हुए हिंडौळ नजदीक के मंदिरों के समक्ष तक लेकर जाएंगे।

इनका होगा पूजन

ज्योतिषाचार्य पंडित राजेन्द्र किराडू के अनुसार, इस दौरान भगवान गणेश, लक्ष्मी, कुबेर, भगवान विष्णु, महाकाली, महासरस्वती, महालक्ष्मी सहित कलम, दवात, बही खाता का पूजन होगा। व्यापारी व दुकानदार तराजू, बाट का भी पूजन करेंगे।

होंगे पाठ व मंत्र जाप

दीपावली की रात घरों और दुकानों-प्रतिष्ठानों में मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना के साथ लक्ष्मी पाठ व मंत्र जाप का भी क्रम चलेगा। पंडित किराडू के अनुसार दीपावली की रात्रि को श्रद्धालु गोपाल सहस्त्रनाम, श्रीसूक्त, कनकधारा स्त्रोत, लक्ष्म्याष्टक स्त्रोत के पाठ करेंगे। वेदपाठी ब्राह्मणों के माध्यम से भी सामूहिक रूप से पाठ होंगे। वहीं लक्ष्मी मंत्रों का जाप होगा। कालरात्रि पर मंत्र साधना का चर्तुगुणा फल की मान्यता होने पर साधक लोग मंत्र साधना भी करेंगे। घर-घर दीपदान होगा। इस दिन दीपदान का विशेष महत्व है। घरों की छतों सहित घरों के बाहर, बालकनी आदि में दीपदान किया जाएगा। लक्ष्मी की प्रसन्नता के लिए दीपदान का विशेष महत्व है।

आतिशबाजी का चलेगा क्रम

दीपावली पर शहर का आकाश आतिशबाजी के रंग बिरंगे नजारों से आच्छादित रहेगा। आतिशबाजी के लिए शहर के विभिन्न स्थानों पर सज चुकी दुकानों पर पटाखों की बिक्री का क्रम चल रहा है। बच्चों से युवा, महिलाएं और बालिकाएं विभिन्न प्रकार के पटाखों की खरीदारी कर रही हैं।

घर-घर होगी गोवर्धन पूजादीपावली के बाद 26 अक्टूबर को गोवर्धन पूजन होगा। घरों के मुख्य द्वार के आगे राती मिट्टी से बनाई गई गोवर्धन आकृति पर गोबर से अनुकृति बनाकर गोवर्धन पर्वत का पूजन कर घर-परिवार की सुख समृद्धि की कामना की जाएगी। घर परिवार की महिलाएं सामूहिक रूप से गोवर्धन पूजन करेंगी।

घरों के आगे चतुर्वती दीपक, रूप निखार के लिए उबटन

दीपोत्सव महापर्व के अन्तर्गत रविवार को धनतेरस एवं रूप चतुर्दशी पर्व मनाया गया। कुछ लोग सोमवार को भी रूप चतुर्दशी पर्व मनाएंगे। धनतेरस पर बाजारों में जमकर खरीदारी हुई। भगवान धनवंतरि का पूजन कर निरोगमय जीवन की कामना की गई। रूप चतुर्दशी के दिन हल्दी, आटा, चंदन, सुगंधित द्रव्यों से निर्मित उबटन लगाने का विशेष महत्व है। रूप चतुर्दशी अर्थात नरक चतुर्दशी के दिन शाम को यमराज की प्रसन्नता के लिए घरों के मुख्य द्वार के आगे चतुर्वती दीपक प्रज्जवलित कर रखने का भी विधान है। रविवार को कई परिवारों में भगवान नारसिंह की भी पूजा-अर्चना की गई ।

भाइयों के सुखमय जीवन की कामनायम द्वितीया अर्थात भाई बीज पर बहनें अपने भाइयों के ललाट पर कुमकुम-अक्षत से तिलक कर मुंह मीठा करवाएंगी। बहनें अपने भाइयों के निरोग रहने और घर-परिवार की सुख समृद्धि की कामना करेंगी। लोग अपनी-अपनी मान्यता अनुसार भाई बीज पर्व मनाएंगे। 26 व 27 अक्टूबर को भाई बीज पर्व मनाया जाएगा। इस दिन यमुना नदी में स्नान का विशेष महत्व है।

खंडग्रास सूर्य ग्रहण 25 को

दीपावली के अगले दिन 25 अक्टूबर को खंडग्रास सूर्य ग्रहण होगा। पंडित राजेन्द्र किराडू के अनुसार सूर्य ग्रहण स्पर्श दोपहर 2.28 बजे से होगा। मोक्ष शाम 6.32 बजे होगा। बीकानेर में ग्रहण का स्पर्श समय शाम 4.27 बजे होगा। मोक्ष शाम 5.55 बजे होगा। बीकानेर में सूर्य ग्रहण का समय 1 घंटा 28 मिनट होगा। ग्रहण का सूतक 25 अक्टूबर को सुबह 4.27 बजे प्रारंभ होगा। सूर्य ग्रहण के दौरान भजन, कीर्तन, हवन के आयोजन होंगे। ग्रहण के मोक्षकाल के बाद स्नान कर दान-पुण्य किए जाएंगे।

पूजन सामग्री की खरीदारी

दीपावली पूजन के लिए लक्ष्मीजी का पाना, चणा, बीज, ज्वार फूली, काचर, बेर, मतीरा, चीनी से बने मक्खनदाना, महल मालिया, कलम, दवात, बही खाता की खरीदारी की। वहीं मिट्टी से बनी हटड़ी, दीपक, कुलड बर्तनों की दुकानों पर भी खरीदारों की भीड़ रही। मिट्टी के दीपक के साथ मोम से बने दीपक, लक्ष्मीजी के पगल्या, रंगोली आदि की खरीदारी हुई। पूजा स्थलों को सजाने के लिए सजावटी फूल, पत्तियां, गमले आदि की दुकानों पर भीड़ रही। पूजन सामग्री की दुकानों पर कुमकुम, अक्षत, मौली, इत्र, कपूर, इलायची, लोंग, सुपारी, कोडी, कमल पुष्प आदि की बिक्री हुई। लक्ष्मी पूजन के लिए चांदी के सिक्के, चांदी की देवी प्रतिमाओं की भी खरीदारी हुई।

दीपावली पूजन मुहूर्त

अमृत चौघडि़या - सुबह 6.47 बजे से 8.11 बजे तकवृश्चिक लग्न एवं शुभ का चौघडि़या - सुबह 8.33 बजे से10.50 बजे तक

अभिजित बेला - सुबह 11.59 बजे से दोपहर 12.44 बजे तककुंभ लग्न का चौघडि़या - दोपहर 2.37 बजे से शाम 4.35 बजे तक

अमृत बेला - शाम 4.36 बजे से शाम 5.59 बजे तकगोधूली बेला लग्न - शाम 5.35 बजे से शाम 7.15 बजे तक

वृषभ लग्न - शाम 7.15 बजे से रात्रि 9.15 बजे तकमिथुन लग्न - रात्रि 9.15 बजे से 11.23 बजे तक

रात्रि लाभ का चौघडि़या -रात्रि 10.48 बजे से 12.23 बजे तकसिंह लग्न - रात्रि 1.46 बजे से सुबह 4 बजे तक

रात्रि शुभ का चौघडि़या -रात्रि 2 बजे से 3.23 बजे तकरात्रि अमृत बेला - 3.46 बजे से 4.30 बजे तक