
कलक्टर बने अध्यापक, बताया दबाव का महत्व
बीकानेर. सार्दुल स्पोट्र्स स्कूल में मंगलवार रात ८ बजे अचानक पहुंचे जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने स्कूल में आधारभूत सुविधाओं के निरीक्षण के साथ छात्रों से भी सवाल किए। कलक्टर ने छात्रों से किताब लेकर सवाल किया कि हीरा और कोयला में क्या समानता है। उपस्थित छात्र जब जवाब नहीं दे पाए तो कलक्टर ने छात्रों को समझाया कि जो जितना दबाव सहन करता है वह हीरा बनता है जब वर्षों तक कोई चीज दबी रहती है तो वह कोयला बन जाती है और वहीं कोयला और अधिक वर्षों तक बना रहे तो हीरा बन जाता है ऐसे में हमें दबाव सहन करना होगा और हीरा बनना होगा तभी हम अपने परिजनों का सपना साकार कर सकेंगे। कलक्टर ने स्कूल के वाइस प्रिंसिपल अमरपाल सिंह से कहा कि संपूर्ण जानकारी सहित बुधवार को कार्यालय में आएं जहां एक बैठक कर स्कूल में और गुणात्मक सुधार के लिए कार्य
किया जाएगा।
खाना सही नहीं, प्रांगण में अंधेरा
कलक्टर ने निरीक्षण के दौरान स्कूल में आधारभूत सुविधाओं का अभाव नजर आया। इस दौरान छात्रों के बैठने, सोने का स्थान अच्छा नहीं लगा। वहीं हॉस्टल के कमरों से बाहर और प्रांगण में अंधेरा नजर आया। इन खामियों पर कलक्टर ने नाराजगी जताई। छात्रों ने भी व्यवस्थाओं को लेकर असंतोष जताया। निरीक्षण के दौरान छात्रों ने अच्छा खाना नहीं मिलने की बात भी उठाई।
Published on:
30 Jan 2019 10:43 am
