
बीकानेर नगर का 531वां नगर स्थापना दिवस मंगलवार को धूमधाम से मनाया जाएगा। नगर संस्थापक राव बीका की प्रतिमा और समाधि स्थल पर पुष्प अर्पित कर उनको याद किया जाएगा। राव बीका ने संवत् 1545 में बीकानेर नगर की स्थापना की थी। रियासतकाल से चली आ रही परम्परा के तहत शहर में पतंगबाजी होगी।
चंदा उड़ाकर नगर संस्थापक और बीकानेर रियासत के राजा-महाराजाओं का यशोगान किया जाएगा। घरों में पानी की नई मटकी का पूजन किया जाएगा। घर-घर में खीचड़ा-इमलाणी बनेंगे। जूनागढ़ के आगे राव बीकाजी संस्थान की ओर से शहर की प्रतिभाओं का सम्मान किया जाएगा। नगर स्थापना दिवस पर शहर में सुबह से शुरू होने वाला पतंगबाजी का दौर शाम तक चलेगा।
घरों की छत्तों पर बच्चों से बुजुर्ग तक पतंगबाजी करेंगे। पूरा शहर 'बोई काट्या है, फेर उड़ा' के स्वरों से गुंजायमान रहेगा। आखाबीज के साथ आखातीज पर भी पतंगबाजी का दौर चलेगा। चंदों के माध्यम से आमजन को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, बाल विवाह रोकथाम, कन्या भ्रूण हत्या रोकथाम आदि के संदेश दिए जाएंगे। कई स्थानों पर पारम्परिक रूप से 'चंदा' उड़ाने की परम्परा का निर्वहन किया जाएगा।
पतंग-मांझे की हुई खरीदारी
नगर स्थापना दिवस पर पतंगबाजी की परम्परा को लेकर शहर में सोमवार को पतंग-मांझे की जमकर खरीदारी हुई। सुबह से देर रात तक पतंगबाजी के शौकीनों ने पतंग-मांझे की खरीदारी की। बीकानेर शहर सहित प्रदेश और देश के विभिन्न स्थानों से आए हुए दुकानदारों की दुकानों पर खरीदारों की भीड़ रही। बच्चों में जहां कार्टून, फिल्मों, नाटकों के चित्रों वाली पतंगे आकर्षण का केन्द्र बनी रही, वहीं युवाओं में बरेली का मांझा खरीदने की होड़ लगी रही।
बाजारों में रौनक, घर-घर में तैयारी
नगर स्थापना दिवस को लेकर सोमवार को घर-घर में तैयारियां चलती रही। महिलाएं परम्परानुसार बनने वाले खीचड़ा, इमलाणी की तैयारियों में व्यस्त रही, वहीं बाजारों में मिट्टी से बनी मटकियों, लोटड़ी, ढकणी, हांडी की दुकानों पर खरीदारों की भीड़ रही। परचून की दुकानों पर घी, इलायची, कालीमिर्च, काचरी, बड़ी की खरीदारी होती रही।
छत्तों पर होगी लड़त, गलियों में लूट
आखाबीज पर मंगलवार को शहर का आकाश पतंगों से आच्छादित रहेगा। पतंगों के शौकीनों ने सोमवार को ही इसकी पूरी तैयारी कर ली। धूप से बचाव के लिए जहां टैन्ट, छांव के बंदोबस्त कर लिए गए है वहीं प्रतिद्वंदी की पतंग काटने पर खुशी का इजहार करने के लिए माइक की भी व्यवस्थाएं की गई है।
पतंगबाजी के साथ-साथ छाछ, लस्सी, कोल्ड ड्रिंक, ज्यूस, शिकंजी, नाश्ता इत्यादि खान-पान की भी व्यवस्थाएं की गई है। कटी पतंगों को लूटने वाले भी तैयार हो गए है। घरों की छत्तों सहित गली-मोहल्लों में ये 'लुटेरे' पतंगे लूटने के लिए सक्रिय नजर आएंगे।
Published on:
17 Apr 2018, 9:17 AM IST
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