सामान्यत: भगवान गणेश के हाथों में फरसा, भाला, गदा आदि शस्त्र होने के साथ-साथ मोदक और भक्तों को आशीर्वाद देते प्रतिमाएं होती हैं। जस्सूसर गेट रोड जिला अस्पताल के पास िस्थत इच्छापूर्ण गणेश मंदिर में भगवान गजानंद न केवल कमल पुष्प पर विराजित हैं, बल्कि एक हाथ में कमल पुष्प भी लिए हैं। भगवान इच्छापूर्ण गणेश के प्रति श्रद्धालुओं की विशेष आस्था व श्रद्धा है। रोज बड़ी संख्या में यहां श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए आते हैं। यह प्रतिमा 16 साल प्राचीन बताई जा रही है। बुधवार के दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते है। गणेश चतुर्थी पर्व धूमधाम से मनाया जाता है।
यह है खासियत
इच्छापूर्ण गणेश की प्रतिमा संगमरमर से बनी है व मनमोहिनी है। भगवान गणेश द्विनेत्री और चतुर्भुजी हैं। पुजारी पंडित हरिमोहन पारीक के अनुसार भगवान गणेश के दो दांत हैं। चार हाथों में फरसा, मोदक, कमल पुष्प और एक हाथ से आशीर्वाद देते हुए हैं। ललाट पर चंद्रमा है। कंधे पर जनेऊ व कमर में सर्प है। गणपति चौकी पर कमल पुष्प पर विराजित हैं।
16 साल प्राचीन है प्रतिमा02 दांत हैं भगवान गणेश के
दायीं सूंड के हैं गणेश