
ढाई साल से बंद बीकानेर गवर्मेंट प्रेस फिर होगी शुरू, कार्मिकों को बुलाएंगे वापस
बीकानेर. बंद पड़े राजकीय मुद्रणालय अर्थात गवर्मेंट प्रेस फिर से शुरू की जाएगी। प्रेस बंद करने से अन्य जगह भेजे गए इसके कार्मिकों को भी वापस लौटने का मौका मिलेगा। ऊर्जा मंत्री डॉ. बीडी कल्ला इसके लिए प्रयासरत थे। इसमें सफलता मिलने पर उन्होंने शनिवार को मुख्यमंत्री का इस निर्णय के लिए आभार जताया।
डॉ. कल्ला के अनुसार मुद्रण एवं लेखन सामग्री विभाग ने बीकानेर मुद्रणालय को पुन: चालू करने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। यहां पूर्व में पदस्थापित ऐसे कार्मिक जिनका अन्यत्र स्थानांतरण कर दिया गया अथवा प्रतिनियुक्ति पर भेज दिया, उन्हें वापस मूल स्थान पर आने का अवसर मिलेगा। मुद्रणालय की मशीनों को भी पूर्व की स्थिति में लाया जाएगा।
बैठक के बाद हुआ निर्णय
मुद्रणालय की भूमि को अभिलेख म्यूजियम को देने संबंधी पर निर्णय के लिए डॉ. कल्ला की अध्यक्षता में गत दिवस बैठक हुई थी। इसमें डॉ. कल्ला ने मत प्रकट किया कि राज्य में क्षेत्रीय कार्य व्यवस्था के तहत जयपुर, जोधपुर, अलवर, उदयपुर एवं बीकानेर में राजकीय मुद्रणालय स्थापित है। बीकानेर संभाग के तहत बीकानेर में मुद्रणालय के बंद होने से यहां के मुद्रण सम्बंधी कार्य के लिए जयपुर जाना होगा। इससे कार्य में अनावश्यक विलम्ब होगा और खर्चा भी बढ़ेगा। ऐसे में मुद्रण कार्य पर पडऩे वाले विपरीत प्रभाव को देखते हुए बीकानेर के राजकीय मुद्रणालय को पुन: शुरू किया जा सकता है। बैठक के बाद मुद्रण एवं लेखन सामग्री विभाग की ओर से बीकानेर के राजकीय मुद्रणालय के सम्बंध में यह निर्णय लिया गया।
३१ महीने से बंद पड़ी प्रेस
बीकानेर का राजकीय मुद्रणालय फरवरी २०१८ में बंद कर दिया गया था। करीब ३१ महिनों से बंद मुद्रणालय को फिर से चालू के निर्णय से पुराने कर्मचारियों के चेहरों पर शनिवार को चमक आ गई। बंद करने के समय मुद्रणालय में ४२ कर्मचारी कार्यरत थे। राजकीय मुद्रणालय कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रेम रतन जोशी के अनुसार कुछ कर्मचारियों को अभिलेखागार, जिला कलक्टर कार्यालय में लगाया गया। कुछ को जोधपुर और जयपुर मुद्रणालय में प्रतिनियुक्ति पर भेजा हुआ है। अभी ११ कार्मिक न्यायालय से स्थगन प्राप्त है। संघर्ष समिति अध्यक्ष जोशी ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और ऊर्जा मंत्री डॉ. बीडी कल्ला का आभार व्यक्त किया है। जोशी के अनुसार प्रेस के बंद होने पर डॉ. कल्ला ने फिर शुरू कराने का वादा किया था। प्रदेश में उनकी पार्टी की सरकार बनने के बाद से लगातार प्रयासरत थे।
Updated on:
27 Sept 2020 12:39 am
Published on:
27 Sept 2020 05:01 am
बड़ी खबरें
View Allबीकानेर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
