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गूंज रहे गीत : धमाल गीतों में देशभक्ति का जज्बा

भारत रा वीर सिपाही सीमा माथे गूंजे रे...  

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bikaner holi dhamal

गूंज रहे गीत : धमाल गीतों में देशभक्ति का जज्बा

बीकानेर. 'भारत रा एे वीर सिपाही सीमा माथे गूंजे रे...पाकिस्तान में इमरान री टौंग्यां धुजे रे...मोदी री हुंकार देख लो...सरीखे धमाल गीतों के बोल इन दिनों फिजाओं में सुनाई दे रहे हैं। होली के मौके पर बीकानेर शहर में चंग पर धमाल की परम्परा है। आज भी होली के रसिक प्रेमी बसंत पंचमी से ही चंग पर धमाल गीत शुरू कर देते हैं। आम दिनों में तो पारम्पारिक धमाल गीतों की गूंज रहती है, लेकिन इस बार धमाल गायकों की टोलियां भी देशभक्ति से लबरेज नजर आ रही है। मंगलवार रात को जस्सूसर गेट के अंदर धमाल गीतों के स्वरों में देशभक्ति का जज्बा देखते ही बन रहा था। जहां जगदम्बा मंडल के चंग वादक धामल गीतों की प्रस्तुतियां दे रहे थे। मंडल से जुड़े सत्यनारायण प्रजापत के अनुसार हर साल परम्परागत धमाल गीत तो गाते ही है, अभी सीमा पर देश के वीर सपूत जांबाजी से मुकाबला कर रहे हैं, एेसे में गीतों के माध्यम से उनकी गाथा का बखान कर रहे हैं।

यह पारम्परिक गीत
मुख्यतौर पर चंग पर 'देवर म्हारो रे, गेहरो तपियो रे राज गंगासिंह रो...सरीखे पारम्परिक धमाल गीत ही सुनाई देते हैं, लेकिन कई बार हालात का तकाजा देखते हुए होली के रसिए भी व्यंग्य से करारा कटाक्ष करते हैं। इस बार ख्याल चौमासों की रम्मतों के साथ ही धमाल गायकों के निशाने पर भी पाकिस्तान है।

चंग की थाप पर थिरकते
जूनागढ़ के सामन शिखबंद महादेव मंदिर परिसर में खंजर क्लब, गिन्नाणी, बागड़ी मोहल्ला, जस्सूसर गेट के अंदर, तेलीवाड़ा सहित दर्जनों स्थानों पर होली के रसिक चंग की थाप पर धामल गीतों के साथ थिरकने वालों का जमावड़ा लगा रहता है। जस्सूसर गेट के अंदर चंग पर धमाल बसंत पंचमी से ही शुरू हो गई थी, यह क्रम पूरे चालीस दिन चलता है। रात गहराने के साथ ही यहां पर चंग के साथ मस्तानों की टोलियां पहुंचने लगती है।