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Bikaner Holi: खूब उड़ा गुलाल, बरसा रंग, बजे चंग…हुआ धमाल

Bikaner Holi: होली की उमंग और तरंग इस कदर छाई कि सुबह से शुरू हुआ रंग-गुलाल और ढप-चंग के साथ गीत-संगीत का दौर शाम तक जारी रहा।

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Bikaner Holi: खूब उड़ा गुलाल, बरसा रंग, बजे चंग...हुआ धमाल

Bikaner Holi: खूब उड़ा गुलाल, बरसा रंग, बजे चंग...हुआ धमाल

बीकानेर.Bikaner Holi: इस बरस बीकानेर फिर से अपने पुराने रंग में नजर आया। पुराने रंग से मतलब दो साल के कोरोना अवधि के पहले वाला बीकानेर शुक्रवार को फिर से पुरानी रंगत में नजर आया। हालांकि, इस बार होली महोत्सव के लिए बीकानेर की तैयारी पहले से दिख रही थी, लेकिन धुलंडी वाले दिन तो जैसे पूरा शहर ही घरों से बाहर निकल आया। क्या बच्चे-क्या महिलाएं और क्या बुजुर्ग। युवाओं का तो कहना ही क्या। होली की उमंग और तरंग इस कदर छाई कि सुबह से शुरू हुआ रंग-गुलाल और ढप-चंग के साथ गीत-संगीत का दौर शाम तक जारी रहा।

होलिका दहन के साथ ही चलने लगा रंग

गुरुवार को मुहूर्त के अनुसार होलिका दहन होने के साथ ही गुलाल के साथ शुरू हुआ दौर धुलंडी की सुबह होने तक रंगों की पिचकारी से ऊपर उठते हुए रंगों की बौछार तक आ गया, जब लोगों ने पिचकारी से मन न भरने पर लोगों को बाल्टी भर-भर कर रंगों से भिगोया। मन भर कर एक दूसरे के चेहरों को रंगों से पोता। क्या महिलाएं और क्या बच्चे, किसी का भी चेहरा शुक्रवार को पहचानने में घरवालों को ही मुश्किलें पेश आईं।

चंग-ढप और गायन की रही गूंज

गुरुवार रात से शुरू हुआ ढप-चंग के साथ गायन का दौर सुबह और जोर पकड़ने लगा। टोलियों में युवा पूरे मोहल्ले में गीत गाते हुए होली में मस्ती करते नजर आए। शुक्रवार को सड़कों पर खुली गाडि़यों में भी यही गीत गायन करते हुए टोलियां विचरती दिखीं। कहीं कहीं पर डीजे पर भी लोग तेज धुनों पर थिरकते नजर आए। गलियों में छतों पर टंगे लोगों ने युवाओं की टोली पर रंग-पानी की बाल्टियों से खूब रंग उड़ेल कर मस्ती की।

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