
बीकानेर : मनमर्जी के कपड़े नहीं पहन सकेंगे मेडिकल कॉलेज स्टूडेंट
बीकानेर. सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज ने नए सत्र से मेडिकल छात्रों के लिए विशेष तरह का ड्रेस कोड निर्धारित किया है, जिससे छात्र-छात्राएं अब नई गणवेश में नजर आएंगे। कॉलेज प्रशासन ने ड्रेस कोड के मुताबिक छात्र काली पेंट, सफेद शर्ट, काले जूते, सफेद मौजे व काली टाई तथा छात्राएं सफेद सलवार-सूट व सफेद व गुलाबी रंग की लहरिया चुनरी में नजर आएंगी। यह ड्रेस कोड कॉलेज में नव प्रवेशित छात्र-छात्राओं पर ही लागू होगा।
पहले से अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को निर्धारित ड्रेस कोड में छूट रहेगी। निर्धारित ड्रेस कोड में नहीं आने वाले नव प्रवेशित छात्र-छात्राओं पर अनुशासनहीनता की कार्रवाई की जाएगी। प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में से बीकानेर ने ड्रेस कोड की पहल की है। अगर यह सफल रहा तो प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेज भी डे्रस कोड लागू कर सकते हैं। गौर करने वाली बात है कि वर्षों पहले सीनियर छात्रों पर विशेष तरह का ड्रेस कोड थोप रखा था। तब सीनियर मेहरुन रंग का कोट, टाई व काले जूते पहनते थे।
जींस-टीशर्ट में आने पर रोक
डॉ. माथुर ने बताया कि नियम एमसीआइ की गाइडलाइन के अनुपालन में बनाए गए हैं। धार्मिक मान्यता की वजह से दाढ़ी रखने वाले छात्रों पर यह नियम लागू नहीं होंगे। हालांकि उनको भी जींस, टीशर्ट या कुर्ता-पायजामा पहनकर आने पर रोक है। चिकित्सकों के मुताबिक मेडिकल छात्रों को शालीन ड्रेस पहनने के लिए कहा गया है। कोई भी छात्र जींस-टीशर्ट या दाढ़ी में आएगा तो उसे टोका जाएगा।
नहीं रख सकेंगे फैशनेबल दाढ़ी और गमछा
अतिरिक्त प्राचार्य डॉ. रंजन माथुर ने बताया कि नए ड्रेस कोड की पहल बीकानेर से की गई है। कॉलेज में छात्र-छात्राओं के जींस व टी-शर्ट पहनने पर रोक लगा दी गई है। इसके अलावा फैशनेबल दाढ़ी व गमछा भी साथ नहीं रख पाएंगे। नए नियम के तहत छात्रों को नेम प्लेट के साथ लोंग एप्रेन पहनना होगा। एप्रेन में कॉलेज का श्लोगन होगा। छात्र-छात्राओं को अनुशासन में लाने के लिए प्रोफेसरों की एक टीम गठित की गई है जो छात्र-छात्राओं के पहनावे व स्टाइल पर नजर रखेगी।
चाक-चौबंद होगी व्यवस्था
कॉलेज में एमबीबीएस की 250 सीटों पर नव प्रवेशित छात्र-छात्राओं के लिए इस बार व्यवस्थाएं चाक-चौबंद की जा रही है। यह व्यवस्था कॉलेज में अनुशासन कायम करने के लिए है। साथ ही ड्रेस कोड निर्धारित होने से मेडिकल छात्रों की पहचान आसानी से की जा सकेगी।
अनुशासन का माहौल
एमसीआई के नॉम्र्स के अनुसार नव प्रवेशित छात्र-छात्राओं के लिए ड्रेस कोड निर्धारित किया गया। इससे कॉलेज में अनुशासन बनेगा तथा मेडिकल छात्रों की पहचान कायम होगी। ड्रेस कोड से छात्र-छात्राओं में मानसिक रूप से भी पढ़ाई का वातावरण भी बनेगा।
डॉ. एचएस कुमार, प्राचार्य एसपी मेडिकल कॉलेज
Published on:
31 Jul 2019 11:38 am
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