जिला कलक्टर ने मोटे अनाज से बने व्यंजनों के 14 स्टॉल्स को देखा। मेले में मौजूद विद्यार्थियों व आमजन ने ज्वार, बाजरा, रागी, कुट्टू, राजगीरा, मक्का आदि मिलेट्स से बने खीचड़े, चूरमा, खीर, केक, शामक, हलवा व राबड़ी जैसे व्यंजन चखे और सराहा। डॉ विमला डुकवाल, डॉ नवल गुप्ता व डॉ मनोज गुप्ता ने मिलेट्स के महत्व पर तकनीकी व्याख्यान दिया। मेडिकल कॉलेज की अतिरिक्त प्राचार्य डॉ रेखा आचार्य, उपनिदेशक बीकानेर जोन डॉ. राहुल देव हर्ष, जिला अस्पताल के अधीक्षक डॉ प्रवीण चतुर्वेदी, स्काउट एंड गाइड के मानवेंद्र सिंह भाटी ने भी मिलेट्स के फायदे गिनाए।