
शताब्दी वर्ष... घोषणाएं अनेक, अब तक धरातल पर नहीं एक
नगर निगम इस वर्ष अपना शताब्दी वर्ष मना रहा है। तत्कालीन बीकानेर स्टेट में वर्ष 1923 में म्यूनिसिपल एक्ट प्रभावी हुआ था। शताब्दी वर्ष को यादगार बनाने और चिर स्थाई बनाने के लिए निगम महापौर ने बजट अभिभाषण में शताब्दी वर्ष के दौरान किए जाने वाले कार्यों को लेकर कई घोषणाएं की थी। महापौर-आयुक्त में चल रही तकरार के चलते शताब्दी वर्ष की घोषणाओं का धरातल पर कार्य नजर नहीं आ रहा है। स्मारक के लिए अब तक न स्थान का निर्धारण हुआ है और ना ही डीपीआर बनी है। 13 फरवरी को बजट बैठक हुई थी। सवा महीने बाद भी शताब्दी वर्ष में होने वाले कार्यों को लेकर कार्ययोजना तक सामने नहीं आई है।
ये हुई थी घोषणा
महापौर सुशीला कंवर राजपुरोहित ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के प्रस्तावित बजट को सदन में पेश करने के दौरान बजट अभिभाषण में निगम के शताब्दी वर्ष में पूर्व बीकानेर महाराजा गंगासिंह को श्रद्धासुमन अर्पित करने के लिए शताब्दी वर्ष स्मारक बनाया जाना प्रस्तावित किया। वहीं शताब्दी वर्ष पर नगर निगम बीकानेर के अधिकारिक लोगो के लिए प्रतियोगिता का आयोजन करना प्रस्तावित है। वहीं बीकानेर शहर की 100 ऐसी प्रतिभाएं जो बीकानेर से बाहर रहकर बीकानेर को गौरवान्वित कर रही है व बीकानेर शहर की 100 प्रतिभाएं जिन्होंने अपने जीवनकाल में बीकानेर शहर की सेवा में अमूल्य योगदान दिया है, उनको सम्मानित किया जाना है।
पत्रिका व्यू... तकरार में अटक रहे काम
निगम में महापौर और आयुक्त-सचिव के बीच लगातार तकरार चल रही है। बात जयपुर और पुलिस थाने तक भी पहुंची हुई है। स्थितियां परिवाद और एफआईआर तक जा चुकी है। इस कारण आमजन और निगम सेवाओं से संबंधित कार्य भी अटक रहे हैं। लोग परेशान हो रहे हैं। महीनों बाद भी लोगों को पट्टे नहीं मिल रहे हैं। महापौर-आयुक्त में एक-दूसरे को पटखनी देने की कवायद चल रही है। निगम विवादों का अखाड़ा बना हुआ है। ऐसे में बजट और बजट अभिभाषण की घोषणाओं पर अमल करने की बात कोई सोच नहीं रहा है।
Published on:
21 Mar 2023 10:06 pm
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