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बीकानेर का दियातरा बना भारत का पहला बालिका स्नेही ग्राम

बाल विवाह नहीं करने व बालिकाओं को शिक्षा की मूलधारा से जोड़कर आगे बढऩे का अवसर देंगे  

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बीकानेर का दियातरा बना भारत का पहला बालिका स्नेही ग्राम

बीकानेर. दियातरा. दियातरा गांव भारत का पहला बालिका स्नेही ग्राम शुक्रवार को घोषित किया गया। गांव में बालिकाओं को संबल प्रदान करने के लिए ग्राम पंचायत ने पहल की हैं। गांव में आज के बाद बाल विवाह नहीं करने व बालिकाओं को शिक्षा की मूलधारा से जोड़कर आगे बढऩे का अवसर दिया जाएगा। गांव को बालिका स्नेही ग्राम घोषित करने के लिए उरमूल सीमांत समिति बज्जू एवं प्लान इण्डिया के साथ ग्राम पंचायत ने मिलकर मुख्य भूमिका निभाई है।ग्राम पंचायत भवन में आयोजित कार्यक्रम में श्रीकोलायत उपखंड अधिकारी रतनकुमार स्वामी ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में बालिकाओं की अहम भूमिका होती हैं। बालिकाओं की समाज में उपेक्षा ना हो। इसके लिए हमें आगे आना होगा। हमें बालिकाओं को शिक्षा की मूलधारा से जोड़ कर उनको आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास करना चाहिए। जब बालिका पढ़ेगी तो एक नहीं बल्कि दो घरों में शिक्षा की अलख जगेगी। एसडीएम स्वामी हस्ताक्षर कर इस मुहिम के गवाह बने।

उरमूल सीमांत समिति के सचिव अरविंद ओझा, सरपंच राजाराम साध, कोलायत थानाधिकारी जगदीश सिंह ने कहा कि हमें बच्चों को संस्कारवान बनाने की अहम भूमिका निभानी होगी। जब बालिका संस्कारित होगी तो सभ्य समाज का निर्माण होगा। कार्यक्रम में सीडिपीओ रामप्रसाद हर्ष, सामाजिक अधिकारी नरेशसिंह राजपुरोहित, सीईओ इस्माइल खान, बीईईओ मूलसिंह, पीईईओ असलेखकरणदान बीठू सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।