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कोलायत वितरिका से जुड़ेगा कपिल सरोवर, पर्यटन को लगेंगे पंख

कोलायत वितरिका से जुड़ेगा कपिल सरोवर, पर्यटन को लगेंगे पंख

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कोलायत वितरिका से जुड़ेगा कपिल सरोवर, पर्यटन को लगेंगे पंख

कोलायत वितरिका से जुड़ेगा कपिल सरोवर, पर्यटन को लगेंगे पंख

-हरेन्द्रसिंह बगवाड़ा

बीकानेर. कोलायत स्थित कपिल मुनि की तपोस्थली कपिल सरोवर को इंदिरागांधी नहर परियोजना के पानी से भरे जाने की योजना है। पिछले सालों में अवैध खनन की जद में आने से सरोवर में पानी की आवक बंद हो चुकी है।
सरोवर के आसपास के इलाकों में खनन होने से जहां एक ओर बड़े-बड़े गड्डे बन गए हैं तो दूसरी ओर
कई इलाकों में रेत के पहाड़ से खड़े हो गए हैं। इससे सरोवर में बारिश का पानी पहुंचने के मार्ग बंद हो गए हैं। ऐसे में पौराणिक महत्व के इस सरोवर को बचाने के लिए इंदिरा गांधी नहर एक मात्र विकल्प बची है।
जानकारों के अनुसार सरोवर से १३ किलोमीटर दूर इंदिरा गांधी नहर वितरिका से सरोवर को जोड़े जाने की योजना है। इस पर करीब २० करोड़ रुपए की लागत आएगी। श्रीकोलायत विधायक एवं ऊर्जा मंत्री भंवरसिंह भाटी ने कपिल सरोवर को कोलायत वितरिका से जोडऩे को लेकर पिछले दिनों मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखी है।
हाल ही में सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने भी इस बारे में फिजीबल रिपोर्ट जारी कर दी है। उम्मीद की जा रही है कि मुख्यमंत्री अपने बजट भाषण में कपिल सरोवर को नहर की वितरिका से जोडऩे की घोषणा कर सकते हैं।

पुष्कर की तर्ज पर हो सरोवर का विकास
पुष्कर की भांति कपिल सरोवर का भी पौराणिक महत्व है। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। पानी के अभाव में इस सरोवर की स्थिती दिनों दिन बदतर होती जा रही है। यदि सरकार इसका जीर्णोद्वार करवाए, तो पुष्कर की तरह कोलायत भी एक पर्यटक स्थल के रूप में विकसित हो सकता है।

सकारात्मक उम्मीद
इंदिरा गांधी नहर की कोलायत वितरिका से कपिल सरोवर को जोड़े जाने से सरोवर का कायाकल्प सम्भव हो सकेगा। विशेषज्ञों से चर्चा कर इस बारे में मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था। उम्मीद है इसके सकारात्मक परिणाम आएंगे।
- भंवरसिंह भाटी, ऊर्जा मंत्री