20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पिछले साल का अनुभव डरावना, इस साल उसी से ले रहे सबक

इस बार जलदाय विभाग नहरबंदी में रखेगा फूंक-फूंक कदम दोनों जलाशयों को किया लबालब376 डिग्गियों को भरा गया रैपिड रेस्पॉन्स टीम का किया गठन

2 min read
Google source verification
पिछले साल का अनुभव डरावना, इस साल उसी से ले रहे सबक

पिछले साल का अनुभव डरावना, इस साल उसी से ले रहे सबक

गत साल नहरबंदी के दौरान उपभोक्ताओं को पानी के लिए इधर से उधर भटकना पड़ा था। कई इलाकों में पानी पहुंच ही नहीं रहा था। टैंकर मनमानी कीमत वसूल रहे थे। टंकियों पर प्रदर्शन होने लगे थे। जलदाय विभाग के लिए यह अनुभव भयावह रहा। लिहाजा, इस बार विभाग गत साल उत्पन्न हुई समस्या से सबक लेते हुए इस बार फूंक-फूंक कर कदम उठा रहा है। अधिकारी प्रतिदिन नहरी विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर रहे हैं। जिला प्रशासन भी सतर्क है। जलदाय विभाग टैंकर वालों को भी ठेके पर लेने की योजना बना रहा है। इन टैंकरों के माध्यम से टेल पर रहने वाले उपभोक्ताओं को पानी पहुंचाने की कोशिश की जाएगी। आगामी 26 मार्च से शुरू होने वाली नहरबंदी से पहले सभी डिग्गियों तथा दोनों बीछवाल तथा शोभासर जलाशयों काे लबालब किया जा रहा है।


सिंचाई के लिए नहीं मिलेगा पानी

जिले में नहरबंदी 26 मार्च से होगी। इसे देखते हुए खेतों में नहर विभाग सिंचाई के लिए पानी बंद कर देगा। नहर विभाग 26 मार्च से 29 अप्रेल तक आशिंक नहरबंदी करेगा। इस दौरान उपभोक्ताओं को नियमित रूप से पानी मिलता रहेगा। लेकिन 29 अप्रेल के बाद पूर्ण रूप से नहरबंदी की जाएगी, जो 30 मई तक जारी रहेगी। इस अवधि में उपभोक्ताओं को एक दिन छाेड़ कर पानी दिया जाएगा। यह समय उपभोक्ताओं के लिए परीक्षाकाल साबित होगा। इस परेशानी से निपटने के लिए जलदाय विभाग वैकल्पिक रूप से टैंकरों के माध्यम से लोगों तक पानी पहुंचाने की कोशिश करेगा। विभाग ने टैंकर ठेके पर लेने के लिए टेंडर भी जारी कर दिए हैं।


फैक्टफाइल
02 जलाशय बीछवाल और शोभासर

1500 मिलियन लीटर प्रत्येक जलाशय की भराव क्षमता
1400 मिलियन लीटर अभी प्रत्येक जलाशय में पानी

376 डिग्गियां ग्रामीण इलाकों में पानी आपूर्ति के लिए
(साथ ही नहर के किनारे ट्यूबवेल भी खोदे जाएंगे। इनसे भी पानी निकाल कर नहर में डाला जाएगा, जो आगे जलाशयों में भेजा जाएगा।)

कमेटियों का गठन

नहरबंदी के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी से निपटने के लिए उपखंड स्तरीय तथा रैपिड रेस्पॉन्स कमेटी का गठन किया गया है। ये कमेटियां नहरबंदी के दौरान व्यवस्था में सुधार पर काम करेंगी। इन कमेटियों में एसडीएम, पुलिस कॉंस्टेबल, विभाग के अभियंता, पटवारी, तहसीलदार तथा ग्रामसेवक को शामिल किया गया है।


जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता राजीव पुरोहित से सीधी बात
सवाल-नहरबंदी में क्या व्यवस्था रहेगी ?

जवाब- पहले तो आंशिक रूप से नहरबंदी होगी। इस दौरान उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आने देंगे। हमारी तैयारी पूरी है।


सवाल-पानी चोरी रोकने के क्या इंतजाम हैंं ?

जवाब- टीमों का गठन किया गया है। इसमें बीट कॉंस्टेबल को शामिल किया गया है। साथ ही प्रशासन को भी पत्र भेजा है।


सवाल- वैकल्पिक व्यवस्था क्या रहेगी ?

जवाब- टेल तक पानी पहुंचाने के लिए टैंकरों की व्यवस्था की जाएगी। डिग्गियों को भी भरा जा रहा है।