
तालाबों पर पितर तृप्ति के लिए तर्पण शुरू
बीकानेर. श्राद्धपक्ष में तर्पण का खास महत्व होने के कारण शनिवार से शहरी क्षेत्रों के तालाबों पर पितर तर्पण के अनुष्ठान शुरू हो गए। यह आयोजन एक पखवाड़े तक चलेगा। धरणीधर तालाब व हर्षोंलाव सहित विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने तर्पण किया। धरणीधर तालाब पर दो स्थानों पर पितर तर्पण शुरू हो गए है। एक तरफ पंडित नथमल पुरोहित के शिष्य गोपाल ओझा के नेतृत्व में एवं दूसरी तरफ पंडित नवरतन व्यास के सान्निध्य में श्रद्धालु अपने पितरों की तृप्ति के लिए तर्पण दे रहे हैं। यहां अलग-अलग परियों मंे तर्पण कर्म चल रहा है।
पंडित राजेन्द्र किराड़ू के अनुसार यह पखवाड़ा पितर तृप्ति का समय है। जो व्यक्ति पितरों को जल से अंजुली भरकर तर्पण देता है, उनके परिवार में खुशहाली, सुख-समृद्धि रहती है। कृष्ट, संकट मिटते हैं। कुशा(डाभ) की मुद्रा धारण कर देव तर्पण, ऋषि तर्पण व पितर तर्पण अर्पित किए जाते हैं। उधर, श्राद्ध पक्ष के दौरान शहर में कई मोहल्लों में मिठाई व नमकीन की अस्थाई दुकानें सज गई है। जहां पर वाजिब दामों पर मिठाइयां बिक रही है।
Published on:
15 Sept 2019 06:05 am
