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नौ किलोमीटर का रास्ता हुआ सतरंगी, हजारों ने लगाई धोक

bikaner news- . तोलियासर गांव के प्राचीन भैरव मन्दिर में अनन्त चतुर्दशी के अवसर पर गुरुवार को भैरव महोत्सव एवं मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और दिनभर यात्रियों की रेलमपेल लगी रही।

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bikaner news- toliyasar bheruji mela 2019

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ठुकरियासर. तोलियासर गांव के प्राचीन भैरव मन्दिर में अनन्त चतुर्दशी के अवसर पर गुरुवार को भैरव महोत्सव एवं मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और दिनभर यात्रियों की रेलमपेल लगी रही। मन्दिर पुजारी प्रदीप नाई ने ज्योत एवं आरती की। मन्दिर में अलसुबह से ही भैरव भक्तों के आने का सिलसिला शुरू हो गया जो देर रात तक जारी रहा। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर बाबा के दर्शन कर मन्नोतियां मांगी।

यहां दिन भर भैरव देव का अभिषेक व पूजा अर्चना का दौर चलता रहा। इसमें हरियाणा, पंजाब के अलावा बीकानेर, श्रीगंगानगर, सरदारशहर, देराजसर, शेरेरां, गुंसाईसर, बेरासर, नापासर, महाजन सहित दूरदराज से श्रद्धालु पैदल जत्थों व वाहनों के जरिए पहुंच कर धोक लगाई। भक्तों ने बाबा के तेल, सिंदूर से पूजा की तथा नारियल, लड्डू एवं चूरमे का भोग लगाया।

खेजड़ी मन्दिर में श्रद्धालु गठजोड़े की जात तथा झड़ूला उतारने को उतावले थे। वहीं भक्त सवामणी का भोग लगाने के लिए बारी का इंतजार कर रहे थे। श्रद्धालु हाथों में ध्वजा, नारियल, तेल, सिंदूर-पान्ना, पुष्पमाला, धूप, नारियल एवं प्रसाद लिए भैरवनाथ के जयकारे लगा रहे थे। पूरे गांव में आस्था का सैलाब नजर आ रहा था। इस तीन दिवसीय मेले का समापन सोमवार को होगा।

उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

श्रीड़ूंगरगढ़ से शाम को रवाना हुआ श्रद्धालुओं के सैलाब ने दिल्ली सड़क को संतरंगी बना दिया। नौ किलोमीटर की दूरी में हर उम्र के पैदल श्रद्धालुओं के हुजूम ने तोलियासर-श्रीडूंगरगढ़ को एक कर दिया। प्राचीन परम्परानुसार श्रीडूंगरगढ़ के भैरव मन्दिर से यहां मेले में ज्योत पहुंची। आगे-आगे ऊंटगाड़े पर सवार भैरवनाथ की ज्योत चल रही थी। वहीं पीछे श्रद्धालुओं का सैलाब नजर आ रहा था।

पैदल यात्रा में बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं, पुुरुष एवं युवक उत्साह के साथ चल रहे थे। रास्ते में डीजे व ढ़ोल पर बज रहे 'तोळियाणै रा भैरूं थाने मनावण आई रेÓ, 'जाग जाग रे तोळयाणै रा भैंरू व 'भैरूंनाथ का घूघरिया तोलियासर में बाजेÓ जैसे भैरव देव के भजनों पर पैदल यात्री नाचते गाते चल रहे थे।

पदयात्रियों की आवभगत
इस ९ किलोमीटर के रास्ते में सेवा करने वालों की भी कमी नहीं थी। रास्ते में कई सेवादार संघों ने सेवा की कमान संंभाल रखी थी और नाश्ता, फल, चाय, पानी, शीतल पेय आदि की व्यवस्था की गई।

रोटे का भोग

यहां सुबह से ही तैयार हो रहे १०१ किलो आटा के रोटे का चूरमा बनाया गया। करीब साढ़े आठ क्विंटल चूरमा बनाया गया, जिसका भैरव देव को भोग लगाया व प्रसाद श्रद्धालुओं को वितरित किया।

भंडारे की व्यवस्था
यहां श्रद्धालुओं के लिए शिव मन्दिर प्रांगण में गुवाहाटी के भैरव भक्त मण्डल द्वारा आने वाले यात्रियों के लिए तीन दिवसीय भंडारे की व्यवस्था कर रखी है और यहां आए कार्यकर्ता यात्रियों को जलपान करवाने में जुटे हुए है। मण्डल के इन्द्रचन्द पुरोहित, भंवरलाल सारस्वा ने बताया कि यहां भण्डारे की व्यवस्था पांच सालों से की जा रही है।

प्रशासन रहा सक्रिय

मेले में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन भी मुस्तैद रहा। दर्शनार्थियों को सुविधाजनक दर्शन के लिए बेरिकेट लगाए गए तथा वाहनों को पार्किंग में ही रोका गया। पुलिस उपअधीक्षक प्रवीण सुंडा, थानाधिकारी सत्यनारायण गोदारा व उपनिरीक्षक राजेन्द्र सारण जाब्ते के साथ व्यवस्था संभाले थे।