
bikaner news: Your voter ID is fake?
बीकानेर. नोखा. यदि आपने ई-मित्र केन्द्र पर पहचान पत्र बनवाया तो इसकी जांच कर लें। कुछ ई-मित्र केन्द्र अपने फायदे के लिए फर्जी तरीके से मतदाता कार्ड बनाकर आपकी पहचान से खिलवाड़ कर रहे थे। साथ ही फर्जीवाड़ा कर प्रशासन की आंखों में धूल झोंककर अपराध कर रहे हैं।
कस्बे में हनुमान धोरा के पास संचालित कन्हैया ई-मित्र केंद्र पर चल रहे फर्जीवाड़े का बुधवार को खुलासा हुआ है। यहां पर प्रशासन व पुलिस ने डिकॉय ऑपरेशन करते हुए फर्जी मतदाता पहचान पत्र बनाने के खेल का पर्दाफाश किया है।
पुलिस ने फर्जीवाड़ा करने वाले ऑपरेटर को गिरफ्तार कर दो लैपटॉप, दो कलर प्रिंटर सहित अन्य सामग्री भी जब्त की है। इस कार्रवाई की भनक लगते ही अन्य ई-मित्र संचालकों में भी हड़कंप मच गया और वे दुकानें बंद कर गायब हो गए। एसडीएम रमेशदेव ने बताया कि अब सभी ई-मित्र केंद्रों की जांच कराई जाएगी। जहां कहीं भी फर्जीवाड़ा मिला, उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
यूं हुआ खुलासा
एसडीएम रमेशदेव ने बताया कि कन्हैया ई-मित्र पर फर्जी मतदाता पहचान पत्र बनाने की शिकायत मिली। इस पर २३ जुलाई को सहायक कर्मचारी श्रीकांत को एक फोटो, वोटर लिस्ट की भाग संख्या, टूपिक आइडी की पर्ची देकर भेजा तो वहां पर ऑपरेटर आशाराम मिला।
उसने फर्जी मतदाता पहचान पत्र बनाने के लिए फोटो, नाम की पर्ची व १५० रुपए ले लिए और दूसरे दिन सुबह ११ बजे आकर आईडी ले जाने की बात कही। बुधवार को तहसीलदार द्वारका प्रसाद शर्मा, सहायक प्रोग्रामर सुभाष छींपा, सीआई करणीदान व पुलिस जाब्ते के साथ वहां पहुंचे।
पहले श्रीकांत को आइडी लाने भेजा तो ऑपरेटर आशाराम ने टेबल की दराज से आइडी निकाली और देने लगा। इस दौरान श्रीकांत के इशारे पर जैसे ही कार्रवाई टीम पहुंची तो ऑपरेटर आशाराम घबरा गया और आइडी को वापस दराज में रखने लगा। पुलिस ने तुरंत फर्जी आइडी, फोटो सहित उपकरण जब्त कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस मामले की जांच कर रही है और संलिप्त अन्य लोगों से भी पूछताछ की जाएगी। गौरतलब है कि कन्हैया ई-मित्र केंद्र पर फर्जी आधार कार्ड बनाने की शिकायत पर सालभर पहले भी कार्रवाई की गई थी। उस वक्त आधार कार्ड मशीन सीज की गई थी।
कहां-कहां फर्जीवाड़ा
एसडीएम के मुताबिक फर्जी आइडी वोटर कार्ड पर बार कोड फर्जी कॉपी पेस्ट इमेज के रूप में स्कैन किया था। वोटर कार्ड के पीछे के भाग पर २२ फरवरी २०१9 तारीख प्रिंट हुई थी। तत्कालीन एसडीएम श्योराम वर्मा के हस्ताक्षर फर्जी तरीके से स्कैन प्रिंट किए थे। कन्हैया ई-मित्र कियोस्क प्रमाण पत्र की प्रति पेश की गई तो उसमें ई-मित्र धारक का नाम सुशीला पाया गया।
अन्य केंद्रों पर होगी जांच
शहर में संचालित होने वाले ई-मित्र केंद्रों के खिलाफ कई तरह के फर्जीवाड़ा करने और अधिक राशि वसूलने की शिकायतें बराबर सुनने को मिलती हैं। एसडीएम ने कहा कि अब अन्य ई-मित्र केंद्रों की जांच भी कराई जाएगी, कहीं पर भी फर्जीवाड़ा मिला, तो उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
आइडी गांव की, शहर में कर रहे हैं काम
नोखा शहर में पांच दर्जन से अधिक ई-मित्र केंद्र संचालित हो रहे हैं। इसमें से दर्जनभर ई-मित्र केंद्र तो ऐसे हैं, जो कागजों में तो गांव में आंवटित किए हैं और वे काम शहर में बैठकर कर रहे हैं। अब ऐसे ई-मित्र केंद्रों की भी जांच कराई जाएगी।
यह सामान किया जब्त
कार्रवाई के दौरान कन्हैया ई-मित्र केंद्र से दो लैपटॉप, दो कलर प्रिंटर, एक लैपटॉप चार्जर, एक फर्जी मतदाता पहचान पत्र, एक फोटो, एक पेन ड्राइव जब्त की।
चुनाव आयोग बनाता है वोटर कार्ड
ई-मित्र संचालकों को इस प्रकार वोटर आईडी कार्ड बनाने का लाइसेंस नहीं है। वोटर आइडी कार्ड बनाने के लिए ईआर प्रिटिंग के सॉफ्टवेयर से अधिकृत निर्वाचक रजिस्टे्रशन अधिकारी ही बना सकता है जो यूजर आइडी व पासवर्ड से खुलता है और ओटीपी जनरेट होता है। इस पर स्वीकृति होने पर इलेक्शन कमीशन से बनकर आता है।
Published on:
25 Jul 2019 06:00 am
