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संवेदनहीनता का सैंपल: जांच आज, रिपोर्ट कल, डॉक्टरी परामर्श हफ्ते भर बाद

बीकानेर. पीबीएम अस्पताल संभाग का सबसे बड़ा अस्पताल है। यहां डॉक्टर की लिखी गई जांच, सैंपलिंग और रिपोर्ट आने तक लगने वाला समय अस्पताल प्रबंधन की संवेदनहीनता का जीता-जागता सैंपल जान पड़ता है।

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संवेदनहीनता का सैंपल: जांच आज, रिपोर्ट कल, डॉक्टरी परामर्श हफ्ते भर बाद

संवेदनहीनता का सैंपल: जांच आज, रिपोर्ट कल, डॉक्टरी परामर्श हफ्ते भर बाद

बीकानेर. पीबीएम अस्पताल संभाग का सबसे बड़ा अस्पताल है। यहां बीकानेर के अलावा अन्य जिलों के रोगी भी अपना इलाज कराने के लिए आते हैं। उन्हें दवाइयां तो समय पर मिल जाती हैं, लेकिन डॉक्टर की लिखी गई जांच, सैंपलिंग और रिपोर्ट आने तक लगने वाला समय अस्पताल प्रबंधन की संवेदनहीनता का जीता-जागता सैंपल जान पड़ता है। दरअसल, ओपीडी-मरीज-जांच-सैंपलिंग-रिपोर्ट का पंचकोणीय उलझाव इतना जटिल है कि मरीज उसी में उलझ कर रह जाता है।

इसको यूं समझें कि दूरदराज के इलाके से एक मरीज चिकित्सक को दिखाने पीबीएम अस्पताल आता है। यहां वह पर्ची काउंटर की जद्दोजहद के बाद ओपीडी में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक को दिखाने जाता है। चिकित्सक उसे रक्त-मूत्र या एक्सरे जांच आदि कराने को कहते हैं। वह जांच कराने प्रयोगशाला जाता है। सैंपल देता है। रिपोर्ट का समय दो बजे का बताया जाता है। अव्वल तो आधी-अधूरी रिपोर्ट ही उस दिन मिल पाती है। वह लेकर ही वह चिकित्सक के पास पहुंचता है, तो पता चलता है कि वह चिकित्सक ही ओपीडी से उठ चुका है, जिसने जांचें लिखी थीं। विकल्प क्या है। पूछने पर पता चलता है कि या तो डॉक्टर को घर पर दिखाओ या अगले सप्ताह फिर उसी डॉक्टर की ओपीडी ड्यूटी होगी, तो रिपोर्ट लेकर आ जाना। ऐसे में मरीज की मनोदशा और उसकी परेशानी-मजबूरी को आसानी से समझा जा सकता है।

मात्र तीन घंटे सैंपल लेने का समय

अस्पताल में शुरू से ही मात्र तीन घंटे ही सैंपल लेने का समय निर्धारित है। इस दौरान कई अधीक्षक-प्राचार्य आए-गए, लेकिन किसी ने भी मरीजों के इस दर्द को नहीं समझा या जानबूझ कर अनजान बने रहे, यह रहस्य ही बना हुआ है। अगर सर्दी में आउटडोर खुलने का समय सुबह 9 बजे हैं तो सैंपल 9 से 12 बजे तक और गर्मी में सुबह 8 बजे आउटडोर खुलने का समय तो है 11 बजे तक ही सैंपल लिए जाते हैं। यहां पर भी सैंपल लेने का काम करीब आधे घंटे देरी से ही शुरू होता है। तीन घंटे पूरे होते ही लैब बंद हो जाती है।

अवकाश के दिन सैंपल नहीं

किसी भी राजकीय अवकाश के दिन अस्पताल में सैंपल लेने का काम बंद रहता है। अगर किसी मरीज को शनिवार को कोई जांच कराने की सलाह दी जाती है और लैब बंद हो जाती है, तो उसकी जांच सोमवार को होगी। क्योंकि रविवार को लैब का ताला नहीं खुलता है। जबकि अवकाश के दिन दो घंटे आउटडोर खुलते हैं और चिकित्सक भी बैठते हैं। अगर सप्ताह में तीन राजकीय अवकाश एक साथ आ गए, तो सैंपल चौथे दिन लिया जाता है।

व्यवस्था में सुधार करेंगे

मेडिसिन विभाग में फॉलोअप आउटडोर लगाने की योजना है। ताकि मरीज अपनी रिपोर्ट संबंधित चिकित्सक को दिखा सके। इसके लिए शीघ्र ही सीनियर रेजीडेंट चिकित्सकों के आने की संभावना है। साथ ही सैंपल लेने के समय में भी इजाफा करने के संबंध में विचार किया जाएगा। - डॉ. गुंजन सोनी, प्राचार्य एवं नियंत्रक मेडिकल कॉलेज


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