20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पट्टों पर भ्रम, पत्रावलियों पर संशय

प्रशासन शहरों के संग अभियान के तहत प्राप्त हुई पट्टा पत्रावलियों के एक नगर मित्र के ऑफिस से जब्त होने के घटनाक्रम ने नगर निगम में दस्तावेजों और पत्रावलियों के संधारण और सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

less than 1 minute read
Google source verification
पट्टों पर भ्रम, पत्रावलियों पर संशय

पट्टों पर भ्रम, पत्रावलियों पर संशय

प्रशासन शहरों के संग अभियान के तहत प्राप्त हुई पट्टा पत्रावलियों के एक नगर मित्र के ऑफिस से जब्त होने के घटनाक्रम ने नगर निगम में दस्तावेजों और पत्रावलियों के संधारण और सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिन आवेदकों ने अपनी पट्टा पत्रावलियां नगर निगम में जमा करवाई थीं, उनका निगम से बाहर जाना निगम प्रशासन की कार्यशैली पर प्रश्न चिह्न लगा रहा है।

बन रही भ्रम की स्थिति

निगम की ओर से जारी किए जा रहे पट्टों पर आमजन में भ्रम की स्थिति है। जाली हस्ताक्षर की भी बातें सामने आ रही है। इससे जिन आवेदकों ने पट्टे प्राप्त कर लिए है, उनमें भ्रम उत्पन्न हो रहा है कि उनके पास मौजूद पट्टों पर हुए हस्ताक्षर सही है या गलत।

सौ से अधिक पत्रावलियां मिलीं

बताया जा रहा है कि पट्टा आवेदन की कई फाइलें अब भी निगम कार्यालय में नहीं हैं। निगम आयुक्त के एल मीणा ने बताया कि करीब सौ से अधिक पत्रावलियां प्राप्त हुई हैं। कई और के सामने आने की संभावना है।

स्थिति हो स्पष्ट

प्रशासन शहरों के संग अभियान के तहत निगम की ओर से जारी किए जा रहे पट्टों की संख्या पर लंबे समय से असमंजस की स्थिति है। पट्टों की संख्या को लेकर निगम महापौर धरना देने के साथ जयपुर तक शिकायत कर चुकी हैं।

दोषियों के खिलाफ हो कार्रवाई

कांग्रेस पार्षद जावेद पड़िहार ने फाइलों के निगम से बाहर जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि आयुक्त की ओर से केवल एक बाबू के विरुद्ध कार्रवाई कर अन्य कर्मचारियों-अधिकारियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। इसकी भी जांच होनी चाहिए। शनिवार को जयपुर में मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर जांच करवाने और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करवाने की मांग की जाएगी।