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बन्ना-बनड़ी के लिए पंजा-गेड़िया, बटुकों के लिए पाटी-घोटा तैयार

पुष्करणा ब्राह्मण समाज के सामूहिक विवाह व यज्ञोपवीत संस्कार को लेकर घर-घर में तैयारियां चल रही है। जिन बटुकों का यज्ञोपवीत होना है, उन घरों में हाथधान, मातृका स्थापना व गणेश परिक्रमा की तैयारियां चल रही है

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बन्ना-बनड़ी के लिए पंजा-गेड़िया, बटुकों के लिए पाटी-घोटा तैयार

बन्ना-बनड़ी के लिए पंजा-गेड़िया, बटुकों के लिए पाटी-घोटा तैयार

पुष्करणा ब्राह्मण समाज के सामूहिक विवाह व यज्ञोपवीत संस्कार को लेकर घर-घर में तैयारियां चल रही है। जिन बटुकों का यज्ञोपवीत होना है, उन घरों में हाथधान, मातृका स्थापना व गणेश परिक्रमा की तैयारियां चल रही है। यज्ञोपवीत संस्कार से पहले बनड़े का रूप धारण करेंगे। केशरिया चोला, पाग धारण करेंगे। वहीं हाथों में लोहे से बना गेडिया और उसके साथ पारम्परिक बटुआ भी रखेंगे। बटुए में खाटा, सुपारी इत्यादि रखेंगे व लोगों को वितरित करेंगे। इसी प्रकार विवाह करने वाले युवक-युवतियां हाथधान की रस्म के साथ बन्ना-बनड़ी का रूप धारण करेंगे। केसरिया वस्त्र पहनेंगे। विवाह करने वाली कन्या अपने हाथों में लोहे से बना पंजा व बटुआ रखेंगी।

यज्ञोपवीत के लिए भी सामग्री तैयार

पुष्करणा सावा कार्यक्रम अनुसार 7, 12,14 और 18 फरवरी को यज्ञोपवीत होंगे। बटुक अपने माता-पिता व परिवारजनों से भिक्षा प्राप्त करेंगे। काशी के लिए दौड़ लगाएंगे। मायरा की रस्म होगी। बटुक अपने ननिहाल देवळी धोकने जाएंगे। रमक झमक संस्था की ओर से बटुकों के लिए यह सामग्री उपलब्ध करवाई जाएगी। संस्था के प्रहलाद ओझा भैंरु ने बताया कि बटुकों के यज्ञोपवीत संस्कार के लिए संस्था की ओर से यह सामग्री उपलब्ध करवाई जाएगी।

सांस्कृतिक सेतु का कार्य करता है भाषा प्रशिक्षण

पुष्करणा सावा पर द पुष्करणाज फाउण्डेशन की ओर से किए जा रहे कार्यक्रमों की श्रृंखला में अन्तरराष्ट्रीय भाषाओं का प्रशिक्षण शिविर किया गया। नालंदा स्कूल के सृजन सभागार में हुए प्रशिक्षण के मुख्य अतिथि साहित्यकार कमल रंगा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय भाषा प्रशिक्षण, सांस्कृतिक सेतु का कार्य करता है । ऐसे में अपनी भारतीय भाषाओं के साथ विदेशी भाषाओं का ज्ञान लेना एक सार्थक प्रयास है। सचिव कृष्णचंद पुरोहित ने कहा कि दूसरे देशों की भाषाओं की जानकारी होने से संस्कृति का आदान प्रदान होता है व रोजगार के भी अवसर प्राप्त होते हैं। अध्यक्षता करते हुए प्रशिक्षक शेखु सुल्तान ने छात्र-छात्राओं को विभिन्न भाषाओं के शब्द और उनके अर्थ की जानकारी दी। अध्यक्ष राजेश रंगा ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में हरिनारायण आचार्य, युगल नारायण छंगाणी, मनोज, आदित्य पुरोहित, मोहित, दिनेश व्यास, कृष्णकांत, भुवनेश इत्यादि उपस्थित थे।