18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय- तीन व पांच वर्षीय एलएलबी पाठ्यक्रम इसी सत्र से

bikaner news- महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय में इसी सत्र से तीन वर्षीय व पांच वर्षीय एलएलबी पाठ्यक्रम शुरू होगा। इसके लिए बीसीआइ ने अनुमति संबंधी आदेश जारी किए हैं।

2 min read
Google source verification
bikaner rajasthan mgsu - admission in three and five year llb course

महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय- तीन व पांच वर्षीय एलएलबी पाठ्यक्रम इसी सत्र से

बीकानेर. महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय में इसी सत्र से तीन वर्षीय व पांच वर्षीय एलएलबी पाठ्यक्रम शुरू होगा। इसके लिए बीसीआइ ने अनुमति संबंधी आदेश जारी किए हैं। लम्बे समय से बीसीआइ की मान्यता का इंतजार कर रहे विद्यार्थियों में इससे खुशी की लहर दौड़ गई।बार काउंसिल ऑफ इंडिया की १५ सितंबर को हुई बैठक में ये पाठ्यक्रम शुरू करने की अनुमति दी गई थी। परन्तु आदेश बुधवार को प्राप्त हुए। बीसीआइ टीम ने सात जून को विवि में निरीक्षण किया था। इस सत्र से प्रवेश के लिए विवि प्रशासन शीघ्र ही प्रवेश संबंधी सूचना जारी करेगा।

एलएलबी तीन वर्ष में ६० सीटें व एलएलबी पांच वर्ष (ऑनर्स कोर्स) में ६० सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा।
डॉ. अनिल कौशिक ने बताया कि निरीक्षण के बाद यह मामला बीसीआइ में अटका हुआ था। उच्च शिक्षा मंत्री भंवरसिंह भाटी ने प्रयास किए और बार काउंसिल ऑफ इंडिया को पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए पत्र भी लिखा गया था।

अभी तक सरकारी कॉलेजों को नहीं मिली मान्यता
प्रदेश में १५ सरकारी लॉ कॉलेजों को बीसीआइ की ओर से अभी तक मान्यता नहीं मिली है, जबकि महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय को मान्यता मिल गई है। सरकारी लॉ कॉलेजों में मान्यता नहीं मिलने से छात्रों में काफी रोष है। कॉलेज के अधिकारियों ने बताया कि बीसीआइ ने प्रदेश के एक भी सरकारी लॉ कॉलेज का निरीक्षण नहीं किया है। सीकर के लॉ कॉलेज का बिना निरीक्षण ही एक साल बढ़ा दिया है। एेसे शेष लॉ कॉलेज भी एक साल बढ़ाने की मांग कर रही है। पिछले साल भी बीसीआइ ने अक्टूबर में मान्यता दी थी।

13 साल से स्ववित्त पोषित पाठ्यक्रम
एमजीएसयू में २००४ से एलएलबी पाठ्यक्रम शुरू किया गया। करीब १३ साल तक एलएलबी पाठ्यक्रम स्ववित्त पोषित योजना के तहत चला है। वर्ष २०१७ में बीसीआइ की अनमुति न मिलने के बाद पाठ्यक्रम को बंद कर दिया गया। इसके बाद से विवि प्रशासन बीसीआइ से अनुमति के लिए प्रयास कर रहा था।

नियमित फैकल्टी के प्रयास करेंगे
बीसीआइ से अधिकृत रूप से एलएलबी के लिए मान्यता मिल गई है। राज्य सरकार ने एक प्रोफेसर व १० असिस्टेंट प्रोफेसर के पद स्वीकृत किए थे। सरकार से अनुमति मिलते ही नियमित फैकेल्टी के लिए प्रयास किए जाएंगे।
प्रो. भागीरथसिंह बिजारणियां, कुलपति, एमजीएसयू बीकानेर