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बीकानेर के सबसे बड़े अस्पताल में अब सफेद के बजाय मिलेंगी रंगीन चद्दरें

सफेद रंग की चादरों के जल्दी गंदी होने और उसे नियमित रूप से न बदले जाने की शिकायतें अक्सर मिलती रही हैं। माना जा रहा कि अव्वल तो मटमैली चादरों से मरीजों को निजात मिलेगी।

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बीकानेर के सबसे बड़े अस्पताल में अब सफेद के बजाय मिलेंगी रंगीन चद्दरें

बीकानेर के सबसे बड़े अस्पताल में अब सफेद के बजाय मिलेंगी रंगीन चद्दरें

बीकानेर. संभाग के सबसे बड़े पीबीएम अस्पताल में भर्ती होने वाले रोगियों को अब अलग-अलग रंग की चादरें बिछाने को मिलेंगी। साथ ही सफेद रंग की चादरों से छुटकारा मिल जाएगा। इस संबंध में टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। गौरतलब है कि सफेद रंग की चादरों के जल्दी गंदी होने और उसे नियमित रूप से न बदले जाने की शिकायतें अक्सर मिलती रही हैं। माना जा रहा कि अव्वल तो मटमैली चादरों से मरीजों को निजात मिलेगी। दूसरी ओर, यह भी पता चल सकेगा कि प्रतिदिन चादरों को बदला जा रहा है या नहीं। साथ ही, रंगीन होने के चलते थोड़ा बहुत गंदा होने पर भी वह रंगों में छिप जाएगा और मरीज को अटपटा भी नहीं लगेगा।

21 हजार चादरें, 1 हजार गद्दे खरीदे जाएंगे

अस्पताल में बेड की संख्या को देखते हुए पहले चरण में 21 हजार चादरों की खरीद की जाएगी। इसके लिए रंगों का चयन किया जाएगा। रंगीन चादरों को बिछाने से मरीज को यह भी मनोवैज्ञानिक रूप से आभास होगा कि वह अस्पताल में भर्ती न होकर अपने घर पर ही आराम कर रहा है। इसके अलावा एक हजार गद्दों की खरीद भी होगी। इन गद्दों को उन पलंगों पर बिछाया जाएगा, जहां पर गद्दे पुराने हो गए हैं और फट भी चुके हैं। गौरतलब है क अस्पताल में गद्दों की खरीद भी बहुत पहले हुई थी।

अस्पताल में 2496 बेड

पीबीएम अस्पताल में इस समय 2496 बेड लगे हुए हैं। इसमें से 262 बेड आइसीयू में हैं। अस्पताल के कैंसर सेंटर, बच्चा अस्पताल, हृदय रोग विभाग, मेडिसिन विभाग, ट्रोमा सेंटर, मानसिक रोग विभाग, न्यूरोलॉजी एवं यूरोलॉजी विभाग, एसएसबी, नेत्र रोग विभाग, ईएनटी सहित कई विभागों में अलग-अलग वार्ड में ये बेड लगे हुए हैं।

नर्सिंग कर्मियों की जिम्मेदारी

वार्डों में पुरानी चादरें हटाकर नई बिछाने की जिम्मेदारी वार्ड में ड्यूटी पर कार्यरत नर्सिंग कर्मियों की रहेगी। सुबह की पारी में आने वाले नर्सिंग कर्मचारी सबसे पहले चादर बदलवाने का काम करेंगे। इसके बाद पुराने चादरों की काउंटिंग कर धोने के लिए भेजेंगे।

शिकायतें दूर होगी

अस्पताल में शिकायत आ रही थीं कि वार्ड में सफेद चादरें समय-समय पर बदली नहीं जा रहीं। इस शिकायत को दूर करने के लिए ही अलग-अलग रंग की चादरें बिछाई जाएंगी, ताकि यह मालूम चल सके कि वार्ड में प्रतिदिन चद्दरें बदली जा रही हैं या नहीं। पहले चरण में 21 हजार चद्दरों की खरीद की जाएगी। इसके बाद जैसे-जैसे चद्दर फटते रहेंगे, नए खरीदे जाएंगे।- डॉ. गुंजन सोनी, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज

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