एडवोकेट अशोक कुमार भाटी, सदस्य, राष्ट्रीय तिरंगा यात्रा 2011
बात हो रही है मुल्क के सरताज राज्य जम्मू-कश्मीर की राजनीतिक व सामाजिक स्थिति की। एक ही देश में दो ध्वज एवं दो विधान कल तक वहां लागू थे, लेकिन आज स्थिति बदल गई है। आने वाले कल में जम्मू-कश्मीर की फिजां भी बदल जाएगी। बात 26 जनवरी, 2011 की है, वो खौफनाक मंजर आज भी जहन में आता है, तो रूह कांपने लगती है। क्योंकि भारत देश में तिरंगा फहराने की सजा जो मिली थी।