
बीकानेर। यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर पुलिस की हाईटेक तकनीक उसके ही गले की फांस बन रही है। पुलिस ने चलते वाहन का फोटो खींचकर ई-चालान तो कर दिया, लेकिन अब उसकी वसूली नहीं हो पा रही है। हजारों ई-चालान लंबित हैं। ई-चालान होने के बाद से यातायात पुलिस का वसूली प्रतिशत भी बेहद कम हो गया है। यातायात पुलिस सूत्रों की मानें, तो कुल ई-चालान में से 45 प्रतिशत पेंडिंग हैं। लिहाजा, जुर्माना भी जमा नहीं हो रहा। हर साल ई-चालान का जुर्माना अदा नहीं करने वालों की संख्या में इजाफा हो रहा है।
यातायात पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2024 में जनवरी से दिसंबर तक एक लाख 438 ई चालान किए, जिसमें आठ करोड़ 23 लाख 75 हजार 450 रुपए का जुर्माना लगाया। इसमें से पुलिस एक करोड़ 11 लाख 33 हजार 700 रुपए ही वसूल कर पाई। 85 हजार 899 ई-चालान अब तक पेंडिंग हैं। महज 14 हजार 539 ई-चालान का ही निस्तारण हुआ। इनमें से कुछ कोर्ट में जुर्माना अदा कर चुके हैं। शेष चालान का जुर्माना वाहन चालकों ने अब तक जमा नहीं कराया है।
वहीं वर्ष 2025 के तीन महीनों में ही पुलिस ने 30 हजार 980 ई-चालान बनाए, जिसमें 28 हजार 371 ई-चालान है। इनमें 2609 ने ही जुर्माना अदा किया। शेष 26 हजार 49 के चालान पेंडिंग हैं। ई-चालान कर पुलिस ने एक करोड़ 83 लाख 30 रुपए का जुर्माना लगाया, जिसमें से 13 लाख 58 हजार 600 ही वसूल हो पाए हैं।
यातयात पुलिस के मुताबिक वर्ष 2024 के करीब 210 ई-चालान कोर्ट में भेजे हैं। वर्ष 2025 में तीन महीनों में 195 ई-चालान कोर्ट भेजे चा जुके हैं।
वर्तमान में ई-चालान किए जाते हैं। पुलिस काे चालान का अधिकार है, लेकिन वसूली का नहीं। वसूली के लिए सरकार सख्त कदम उठा रही है। ई-चालान जमा कराने की अवधि निर्धारित की गई है। अवधि बाद चालाक का लाइसेंस निलंबित करने सहित अन्य कानूनी कार्रवाई होगी।
नरेश निर्वाण, यातायात प्रभारी
Published on:
15 Apr 2025 03:41 pm
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