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अब राजस्थान के 11 जिलों से होकर गुजरेगी गैस पाइप लाइन

rajasthan news: बीकानेर जुड़ेगा गैस पाइप लाइन से, विकसित होगा सिरेमिक उद्योग, ११वें चरण में बीकानेर जिले को जोड़ा, केन्द्रीय मंत्री अर्जुनराम और बीकानेर के उद्योगपति थे प्रयासरत

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अब राजस्थान के 11 जिलों से होकर गुजरेगी गैस पाइप लाइन

अब राजस्थान के 11 जिलों से होकर गुजरेगी गैस पाइप लाइन

बीकानेर. प्रदेश में बीकानेर अब गुजरात के मोरबी की तरह सिरेमिक उद्योग का हब बन सकेगा। गैस पाइप लाइन परियोजना के ११वें चरण में गैस पाइप लाइन को बीकानेर से गुजारने का निर्णय किया गया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड ने मंगलवार को सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) के भौगोलिक क्षेत्र की सूची बीकानेर को जोड़कर जारी की है। प्रदेश में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन में बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, झुंझुनूं, सीकर, नागौर, दौसा, करौली, सवाई माधोपुर, टोंक जिले शामिल हैं।

केन्द्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने 'राजस्थान पत्रिकाÓ को बताया कि बीकानेर में प्राकृतिक स्थिति, जलवायु परिस्थितियों और बड़े क्षेत्रों में बॉल क्ले, सिलिका सैंड व जिप्सम जैसे खनिजों की उपलब्धता है। बीकानेर क्षेत्र सिरेमिक उद्योग की स्थापना के लिए उपयुक्त है। इस क्षेत्र में हर साल लगभग 3.1 मिलियन टन मिट्टी का खनन किया जाता है। यहां से क्ले आदि खनिज मोरबी (गुजरात) सहित देश के विभिन्न भागों में भेजा जाता है।

श्रीकोलायत के गजनेर क्षेत्र को पहले से ही सिरेमिक उद्योग के लिए औद्योगिक हब के रूप में चिह्नित किया हुआ है। यहां कच्चे माल की भारी उपलब्धता के बावजूद सिरेमिक उद्योग के लिए प्राकृतिक गैस की अनुपलब्धता सबसे बड़ी बाधा है। सिरेमिक उद्योग आधारित इकाइयों को विकसित करने के लिए सबसे बड़ी जरूरत इलाके को प्राकृतिक गैस लाइन से जोडऩे की रही है।

यह अनुमान लगाया गया है कि प्राकृतिक गैस लाइन यहां से गुजरने के बाद करीब 250 सिरेमिक इकाइयों में गैस की उपलब्धता तुरंत शुरू हो जाएगी। इस कदम से 'एक जिला एक उत्पादनÓ का लक्ष्य भी हासिल किया जा सकेगा। पेट्रोल और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड की ओर से सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन के 11वें चरण में गजनेर सेरेमिक उद्योग क्षेत्र को शामिल करने के लिए गैस वितरण सीजीडी, जीएसपीएल इंडिया गैस नेट लिमिटेड के माध्यम से कार्य चल रहा है। मेहसाणा-बठिंडा प्राकृतिक गैस पाइपलाइन नेटवर्क परियोजना से जोडऩे पर विचार किया गया है। बीकानेर भौगोलिक क्षेत्र के स्रोत के साथ आने वाली जीएसपीएल इंडिया गैसनेट लिमिटेड की मेहसाना-थिंडा प्राकृतिक गैस पाइपलाइन को चालू किया जाएगा। यह कार्य मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य है।

लम्बे समय से थी मांग

बीकानेर के सिरेमिक उद्योग से जुड़े उद्योगपति लम्बे समय से इलाके को प्राकृतिक गैस पाइप लाइन से जोडऩे की मांग कर रहे थे। अभी यहां से सिरेमिक का कच्चा माल बाहर जाता था और तैयार माल वापस आकर बीकानेर सहित पूरे प्रदेश में खपाया जा रहा है। प्राकृतिक गैस सिरेमिक उद्योग के लिए प्राणवायु साबित होगी।